टिहरी। लखवाड़ बाँध से प्रभावित लगातार 35 दिनों से आंदोलरत काश्तकार व बेरोजगार युवा अभी भी पुरे जोश के साथ अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
लखवाड़ बाँध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा जौनपुर-जौनसार के तत्वावधान में सभी बाँध प्रभावित काश्तकार, मातृशक्ति व बेरोजगार युवा, विस्थापन, स्थाई रोजगार, अस्थाई रोजगार, मुआवजा, अनुदान अनुग्रह राशि, सड़क कनेक्टिविटी आदि प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं किंतु इतने दिन बीत जाने के बाद भी शासन प्रशासन सोया हुआ है जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना होने के बावजूद भी इस परियोजना से प्रभावित काश्तकारों व बेरोजगार युवाओं की अनदेखी की जा रही है जो कि समझ से परे है। यदि जल विद्युत निगम द्वारा दमनकारी नीति को अपनाकर कार्य प्रारंभ किया जाता है तो इसका प्रभावित क्षेत्र पुरजोर विरोध करेंगे और आगे आंदोलन को और उग्र किया जाएगा इसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार होगा ।
पहाड़ के लोगों के अधिकारों का हनन आखिर कहाँ तक जायज है, दुर्भाग्य ये है कि शासन-प्रशासन की नियत ही नहीं है की काश्तकारों की समस्याओं को सुना जाये और उसका समाधान किए जाये, आखिर इतनी बड़ी परियोजना से प्रभावित होने वाले काश्तकारों के प्रति इतनी उदासीनता क्यों अपनाई जा रही है।
सभी बाँध प्रभावित काश्तकारों, मातृशक्ति व बेरोजगार युवाओं की मांग है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूर्ण नहीं की जाती तब तक ये आंदोलन इसी प्रकार अनवरत जारी रहेगा।
आज धरना स्थल पर, महिपाल सजवाण, महेंद्र पुंडीर आनंद तोमर सुंदर चौहान,सुरेश रावत, अनिल पवार, नागेंद्र बिष्ट मुकेश सजवान, कमल रावत, नागेंद्र रावत, गजे सिंह रावत, मेघ सिंह सजवान,राकेश सजवान,राकेश रावत, संदीप तोमर,सरदार खत्री, सरोज देवी रेखा देवी सुचिता देवी कौशल्या देवी, शांति देवी, अनीता देवी धीरज रावत, सचिन तोमर प्रदीप रावत अजवीर रावत, राजेंद्र तोमर, शूरवीर चौहान सचिन राणा, सचिन रावत,जसपाल रावत, आनंद रावत, सरदार खत्री,प्रदीप भंडारी, जसवीर आदि उपस्थित रहे।


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