मसूरी: पर्यटन नगरी मसूरी में नए साल का जश्न मनाने के लिए होटल रंगीनियों में डूबे रहे . हालांकि मध्यमवर्गीय होटलों में पुलिस व प्रशासन की सख्ती के चलते पर्यटकों की संख्या कम रही। इससे होटल व्यवसायियों में मायूसी का माहौल देखा गया। लेकिन फिर भी पर्यटकों ने पुराने साल को विदा कर नए साल का स्वागत किया।
पर्यटन नगरी मसूरी में नए साल का स्वागत करने और पुराने साल को विदा कर नए साल का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी उमड़ पड़े। देर रात तक होटलों में जश्न का दौर चलता रहा और होटल रंगों से सराबोर रहे। इस मौके पर सैलानियों ने जोरदार डांस कर खुशी मनाई। दिल्ली से आई पर्यटक मोना ने बताया कि मसूरी आकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है, रात में ठंड होने के बावजूद दिन में माहौल काफी सुहावना होता है, जिसका भरपूर लुत्फ उठाया।

यहां की पहाड़ियां खुले मौसम के कारण प्राकृतिक सौन्दर्य का लुत्फ उठाने के लिए बेहद आकर्षक हैं। वहां वे न्यू ईयर सेलिब्रेट कर रहे हैं। पर्यटक अश्विन ने बताया कि वह मसूरी में नया साल मनाने आए हैं, जिसके लिए सभी परेशानियों को भूलकर खुद को तनाव से दूर रखते हुए पहाड़ों की रानी मसूरी की खूबसूरत वादियों में जश्न मना रहे हैं और खुद को तरोताजा और ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नया साल सभी के लिए सुख-समृद्धि लेकर आए और सभी तनाव दूर होकर खुशियों का अनुभव करें। यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है।
होटल रमाडा के मैनेजर हर्ष सेमवाल ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी होटल ने नए साल पर दो दिन का पैकेज दिया है और पूरा होटल एडवांस में पैक कर दिया गया है. हालांकि कोरोना आने की खबर के बाद पूछताछ कम हुई लेकिन हमारा होटल पहले से ही पैक था इसलिए कोई बात नहीं। उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर की रात होटल में आने वाले पर्यटकों के लिए मेले का आयोजन किया गया था और रात में एक मशहूर कव्वाल द्वारा कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया था,
जिसका पर्यटकों ने खूब लुत्फ उठाया. वहीं पुराने साल की विदाई के उपलक्ष्य में खान-पान और संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसका पर्यटकों ने भरपूर लुत्फ उठाया। पर्यटकों को भारतीय, चाइनीज, कॉन्टिनेंटल के साथ-साथ गढ़वाली भोजन परोसा गया, जिसका पर्यटकों ने भरपूर लुत्फ उठाया।
उधर, पुलिस व प्रशासन की सख्ती पर होटल एसोसिएशन ने कड़ा ऐतराज जताया है। होटल एसोसिएशन के सचिव अजय भार्गव ने कहा कि बड़े होटलों में ऑनलाइन बुकिंग पहले ही हो चुकी है. लेकिन इसका खामियाजा मध्यम बजट के होटलों को भुगतना पड़ रहा है और 40 से 50 प्रतिशत ही पर्यटक आ पाए हैं। उन्होंने कहा कि एक पर्यटक जो बिना बुकिंग के आता है और अपने बजट के अनुसार होटल ढूंढता है वह पुलिस की सख्ती के कारण नहीं आ सकता है क्योंकि पुलिस बिना बुकिंग के पर्यटकों को आने की अनुमति नहीं देती है।
उन्होंने कहा कि कोविड के बाद जिस तरह से होटल व्यवसाय प्रभावित हुआ है, उसके ठीक होने का इंतजार सभी कर रहे थे, लेकिन पुलिस की सख्ती बेकार गई। जगह-जगह सड़क जाम कर दिया गया है। मालरोड पर बोलार्ड लगा दिए गए थे, जिससे पर्यटक होटल तक नहीं पहुंच पा रहे थे, इस पर मंत्री गणेश जोशी से कहा गया और दबाव बनाया गया, जिसके बाद बोलार्ड खोल दिए गए.
लेकिन बिना बुकिंग वाले पर्यटकों को अनुमति नहीं मिलने से होटल व्यवसायियों को नुकसान हुआ है।कई बार एसपी ट्रैफिक को मामले से अवगत कराया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई सहयोग नहीं मिला. इस संबंध में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व रेस्टोरेंट ओ.पी. उनियाल ने कहा कि प्रशासन व पुलिस की गलत नीतियों से आम जनता को परेशानी हो रही है और बाहरी इलाकों से आने वाले पर्यटकों को परेशानी हो रही है.
उन्होंने कहा कि बुकिंग वाले पर्यटकों को ही आने दिया जाएगा, यह गलत नीति है। जिससे सामान्य मध्यम होटल व्यवसायियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए यह सब कर रही है। जब पर्यटक नहीं आते हैं तो किसके लिए यह व्यवस्था की गई है।


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