देहरादून : सिविल सर्विस इंस्टिट्यूट, ओल्ड मसूरी रोड, देहरादून में सिविल सर्विस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित संजीवनी दिवाली फेस्ट – 2022 का रविवार को समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गीता धामी ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के लगभग 70 स्टालों का अवलोकन किया, जिसमें उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और भोजन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया, इस दौरान उन्होंने स्थानीय उत्पाद खरीदे और उससे संबंधित जानकारी प्राप्त की.

गीता धामी ने संजीवनी द्वारा आयोजित महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि जहां सभी अधिकारी उत्तराखंड के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, वहीं महिलाएं समाज सेवा और अंत्योदय की भावना से राज्य और देश के विकास में सहयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संजीवनी संस्थान द्वारा आयोजित मेला माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी ‘वन डिस्टिंक्ट टू प्रोडक्ट’ की मदद से स्थानीय उत्पादों को लगातार बढ़ावा दे रही है।

उल्लेखनीय है कि अन्य वर्षों की तरह इस वर्ष भी संजीवनी दीपावली उत्सव दो दिनों तक चला, इस वर्ष मेला स्थानीय, आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण के लिए स्वर पर केंद्रित रहा।

इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पाद स्टालों के माध्यम से दिखाया गया,

जिसमें पौड़ी जिले में बने मँड़ुवे के बिस्कुट, पहाड़ी फलों जैसे माल्टा, संतरा के जूस, घरों में निर्मित अचार, नैनीताल जिले के स्थानीय उत्पादों, विकासनगर क्षेत्र में निर्मित स्टॉल, शॉल, मफलर, स्वेटर, उत्तरकाशी में निर्मित पंखी, पूजा आसान , पिथौरागढ़ जिले से ऐपण डिजाइन साड़ियाँ, एवं तांबे के बर्तन, जोशीमठ की राजमा, पहाड़ी अंजीर के उत्पाद, रिंगाल के उत्पाद, हाथ से बनी मोमबत्ती, मिट्टी के बर्तन, दिए, रिंगाल के उत्पादों , गाय के गोबर से बने उत्पाद, पेंटिंग, साथ ही हरिद्वार में दिव्यांजन बच्चों द्वारा निर्मित सजावट सामग्री, मोमबत्ती  आदि विशेष उत्पादों को स्थान दिया गया, साथ ही मेले में लगाए गए स्टालों का संचालन ज्यादातर महिलाओं द्वारा किया जाता था।

इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष डॉ. हरलीन कौर संधु, संजीवनी संस्था की सचिव श्रीमती रश्मि बर्द्धन, उपाध्यक्ष डॉ. अलकनंदा अशोक, कोषाध्यक्ष श्रीमती अंजलि सिन्हा, अंशु पांडे, अनुराधा सुधांशु, आकांक्षा सिन्हा, मथानी फैनई, गुंजन यादव, हरिका राजेश, रजनी तोमर, शिखा पांडे, विनीता कुंवर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।