देहरादून : यूथ रॉक फाउंडेशन की निदेशक डॉ दिव्या नेगी घई बोली कि उत्तराखंड में कामकाजी महिलाओं के लिए अंकिता हत्याकांड एक शर्मनाक घटना है, यह घटना हमे दिखाती है कि हमारे राज्य में महिलाएं कितनी असुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में वैसे भी महिला बेरोजगारी अपने चरम पर है और उस पर भी कामकाजी महिलाओं के खिलाफ इस तरह का नरसंहार बेहद हतोत्साहित करने वाला है. मैं प्रशासन और राज्य सरकार से अनुरोध करता हूं कि अंकिता हत्याकांड के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और अंकिता के परिवार वालों को न्याय मिले.

इस हत्याकांड ने उत्तराखंड की कामकाजी महिलाओं को झकझोर कर रख दिया है. उत्तराखंड के अंदर संगठित और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को अब अपनी संस्था पर थोड़ा ध्यान देना होगा और उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि कौन सी संस्था काम करने लायक है और कहां काम नहीं करना चाहिए।
हम बात करते हैं बेटी बचाओ बेटी पढाओ की लेकिन कुछ आपराधिक विचार बेटियों को मारने से भी नहीं हिचकिचाते, अंकिता के साथ हुई यह बहुत ही निंदनीय है। यूथ रॉक फाउंडेशन हमेशा महिलाओं के रोजगार और कौशल विकास की बात करता है ताकि वे अपने संबंधित कार्य और क्षेत्र में कुशल श्रमिक बन सकें और अपनी आजीविका अच्छी तरह से कमा सकें। लेकिन अंकिता मर्डर केस जैसी घटना महिलाओं को हमारे समाज से बाहर आने से रोकती है और उनमें असुरक्षा की भावना पैदा करती है।

