मसूरी : विंटर लाइन कार्निवाल के तहत शहीद स्थल पर उत्तराखंड के लोकगायक जितेंद्र पंवार की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर वह मैलोडी गायक है उसी से जुडे सुण ले दग्ड़या सहित, अनेक गीत प्रस्तुत किए। उनके साथ ही गायिका ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही गांधी चौक पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया और आईटीबीपी के ब्रास बैंड और पाइप बैंड की सुरीली धुनों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

शहीद स्थल पर लोक गायक जितेंद्र पंवार ने सुण रे दग्डया, डाकिया दिदा आदि सहित कई गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने अनोखे अंदाज में गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने एक पॉप गीत भी गाया, जो इस अवसर पर पहले भी गाया जा चुका था, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का संचालन अनिल गोदियाल ने किया। विंटर लाइन कार्निवाल के तहत स्पर्श आदिवासी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन क्वानु चकराता के कलाकारों ने गांधी चौक पर जैनसारी गीतों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। वहीं रजनीकांत सेमवाल व ग्रुप ने गंगाड़ी लोक गीत व नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसी कड़ी में पौड़ी के संदेश कला सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थान ने गढ़वाली गीतों की प्रस्तुति दी।

इसी समय, वोमिनिया बैंड ने शहीद स्थल पर अपने प्रदर्शन के साथ-साथ दक्षिण भारतीय लोक संगीत की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही टाउन हॉल में उत्तराखंड फैशन शो ‘अपना परिवार अपनी पहचान’ का आयोजन किया गया। इसके बाद गढ़वाली गायिका मीना राणा ने अपने गीतों से दर्शकों को नचाया, उन्होंने कई गीत गाए जिन पर दर्शकों ने जमकर ठुमके लगाए। हिमाचली गायक विक्की चौहान ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

इस मौके पर उन्होंने कई श्रोताओं के पसंदीदा गीत सुनाए। उन्होंने चमचमांदे झुमके झुमके, सही पकड़े हैं, चुडपुरा भई चुड़पुरा, एलपी गाड़ी मां, बालमा मेरी बालमा, बबली टाटासूमो मां, नीरू चाली घुमदी, ओरी आजा तु आदि कई गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मसूरी विंटर लाइन कार्निवल की ऐतिहासिक भूमि में ऐतिहासिक प्रस्तुति, शौर्य वीरता और बलिदान कीअमर गाथा “वीरभड़ माधो सिंह भंडारी का मंचन किया गया

पर्वतीय नाट्य मंच मुंबई द्वारा 30 दिसंबर को मसूरी विंटर लाइन कार्निवल की ऐतिहासिक भूमि में ऐतिहासिक प्रस्तुति, शौर्य वीरता और बलिदान कीअमर गाथा “वीरभड़ माधो सिंह भंडारी ” का मंचन किया गया है । शौर्य, वीरता बलिदान एवं विकास की अमरगाथा को मंचन के माध्यम से दर्शकों के समक्ष रखा गया । पर्वतीय नाट्य मंच के निर्देशक एवं उत्तराखंड के सुप्रशिद्ध अभिनेता बलदेव राणा ने जानकारी देते हुए कहा यह मंचन बेहद खास था क्योंकि ये उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय था ।

माधो सिंह भंडरी नृत्य नाटिका के लेखक बलदेव राणा हैं तथा कार्यकर्म संयोजन की जिम्मेदारी राजेंद्र सिंह रावत ने ली है।

विंटर कार्निवाल की आखिरी शाम वीरभड़ माधोसिंह भंडारी नाटक का मंचन किया गया। जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर लेखक /निर्देशक अभिनेता बलदेव सिंह राणा एवं संयोजक राजेंद्र सिंह रावत ने मसूरी कार्निवाल समिति का आभार व्यक्त किया व समस्त मीडिया कर्मियों एवं मेहमान गणों का स्वागत किया।