मसूरी : हैंपटन कोर्ट स्कूल सभागार में कानसेन बनें खुशी बढाएं के तहत राष्ट्रपति पुरस्कार और ‘भारत की लक्ष्मी’ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात महिला तबला वादक अनुराधा पाल ने तबला वादन की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. तबले की मधुर धुनों को सुनकर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आपको बता दें कि अनुराधा पाल को ‘तबला क्वीन’ और ‘लेडी जाकिर हुसैन’ के नाम से भी जाना जाता है।

मसूरी : राष्ट्रपति पुरस्कार और ‘भारत की लक्ष्मी’ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात महिला तबला वादक अनुराधा पाल ने दी तबला वादन की खूबसूरत प्रस्तुति, दंग रह गए स्रोता

उस्ताद अल्लारक्खा ख़ाँ और उस्ताद जाकिर हुसैन से तबला की शिक्षा लेने वाली मशहूर तबला वादक अनुराधा पॉल ने भारत के संगीत को देश-विदेश में दुनिया की बुलंदियों तक पहुंचाने का काम किया है. उन्होंने तबले के माध्यम से पुल, स्टेशन आदि की मधुर ध्वनि सुनकर, तबला वादन में तबले की धुनों में विभिन्न आयाम जोड़कर, बारिश की आवाज, घोड़ों की चाल , बच्चों को प्रातः उठने व रेल चलने के दौरान पुल, स्टेशन आदि की मधुर आवाज तबले के माध्यम से सुनकर स्रोतों और स्कूली बच्चों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

हैंपटन कोर्ट स्कूल ऑडिटोरियम में कानसेन के मौके पर अनुराधा पॉल ने बताया कि उन्होंने 6 साल की उम्र से उस्ताद जाकिर हुसैन से तबला बजाना सीखा और 9 साल की उम्र से ही स्टेज पर परफॉर्म करना शुरू कर दिया था और फिलहाल भारत में हैं. नंबर एक महिला तबला वादक हैं। उन्होंने बताया कि संगीत की कोई भाषा नहीं होती और इसे अपने जीवन में अपनाकर उन्होंने लोगों को संगीत की जानकारी देने का काम किया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने दुनिया में कई जगहों पर तबले पर परफॉर्म किया है, जिसकी काफी तारीफ हुई है. उन्होंने नई पीढ़ी से अपने जीवन में संगीत को अपनाने का आह्वान किया, संगीत तनाव को दूर करता है।

उन्होंने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘भारत की लक्ष्मी’ पुरस्कार से नवाजा गया है और वह लगातार तबले पर प्रस्तुति देकर भारतीय संगीत को ऊंचाइयों पर ले जाना चाहती हैं. इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद दर्शकों से अपील की कि भारतीय संगीत में कई तरह के स्वाद होते हैं और यह जीवन में एक नया अनुभव देता है. उन्होंने बताया कि कोरोना काल में उन्होंने संगीत से जुड़े विभिन्न लोगों की मदद की और संगीत के माध्यम से देशवासियों का तनाव दूर करने का प्रयास किया.

इस अवसर पर कार्यक्रम की संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्मृति हरि ने तबला वादक अनुराधा पाल का स्वागत करते हुए हेंपटन कोर्ट में प्रस्तुति देने के लिए आभार व्यक्त किया. विद्यालय की प्रधानाध्यापक सिस्टर रोजलीन ने तबला वादक अनुराधा का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने विद्यालय आकर अपनी कला में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सूत्रों को नचाया।

इस मौके पर बहन अनीता सिह सहित, शैलेंद्र कर्णवाल, रश्मि कर्णवाल, रूपचंद गुरूजी सहित स्कूली शिक्षिकाएं, शिक्षक और बच्चे मौजूद थे.