मसूरी : युवा अब शराब की जगह सूखे नशे यानी स्मैक, चरस व नशीले पदार्थों के चंगुल में फंस रहा है. नशे के इस दलदल में फंसने के बाद उनका करियर बर्बाद हो रहा है, सेहत भी खराब हो रही है. इसे रोकने के लिए मसूरी पुलिस ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है. इस संबंध में कोतवाल दिग्पाल कोहली ने दवा विक्रेताओं के साथ बैठक कर डॉक्टर की अनुमति के बिना प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया. अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
मसूरी कोतवाली में हुई बैठक में नशा तस्करों ने कोतवाल दिगपाल कोहली को भरोसा दिलाया है कि वे नशा के खिलाफ अभियान में पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे. पत्रकारों से बात करते हुए कोतवाल ने कहा कि शहर में कई युवा नशे की चपेट में आ गए हैं, जिसकी शिकायत लगातार मिल रही है. इसके खिलाफ पुलिस लगातार अभियान भी चला रही है।
उन्होंने कहा कि सूखे नशीले पदार्थों के दलदल में फंसे युवकों को पुलिस काउंसिलिंग करेगी ताकि उन्हें नशे से मुक्ति मिल सके. उन्होंने कहा कि मसूरी के केमिस्टों से भी अनुरोध किया गया है कि 18 साल से कम उम्र के युवाओं को प्रतिबंधित दवाएं न दें. साथ ही बिना डॉक्टर की अनुमति के ऐसी कोई भी दवा न बेचें, जो नियमों का उल्लंघन करती हो।
ड्रग डीलर एसोसिएशन के सचिव नीरज सिंघल ने बताया कि उन्होंने मसूरी कोतवाल को आश्वासन दिया है कि वह अपना पूरा सहयोग देंगे और अगर कोई केमिस्ट प्रतिबंधित दवा बेचते पाया जाता है तो उसे एसोसिएशन से निष्कासित कर दिया जाएगा.
इस मौके पर एसएसआई गुमान सिंह नेगी, सहित दवा विक्रेता मनोज अग्रवाल, तेजपाल सिंह खरोला, नरेश रावत, दिनेश गोयलष् अभिषेक हरि, केपी कैंतुरा, अशरफ अली खान आदि मौजूद रहे.

