मसूरी : पर्यटन नगरी मसूरी में शुक्रवार रात हुई मूसलाधार बारिश से शहर की अधिकतर सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. वहीं नालियां बंद होने से लाइब्रेरी स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में पानी घुस गया और मंदिर कार्यालय जलमग्न हो गया.

शुक्रवार से हो रही भारी बारिश के चलते जहां ग्लोगीधार के पास मसूरी-देहरादून मार्ग बार-बार बंद रहा, वहीं भूस्खलन के कारण एलकेडी मार्ग को बंद कर दिया गया. कई जगहों पर नालियां बंद होने से सड़कों पर पानी का बहाव तेज होने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. वहीं, भारी बारिश के कारण लक्ष्मीनारायण मंदिर लाइब्रेरी में पानी घुस गया, क्योंकि नालों के बंद होने से सारा पानी सड़कों पर बहने लगा, जो इतना अधिक था कि वह मंदिर और कार्यालय में घुस गया.
नालियां बंद होने से मोतीलाल नेहरू मार्ग की हालत सबसे खराब है, वहीं बारिश से पहले जिला प्रशासन के आदेश के बाद एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर नालियां को हर कीमत पर खोलने के निर्देश दिए थे. लेकिन संबंधित विभागों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मोतीलाल नेहरू मार्ग पर वाहन चलाना पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। यही हाल अन्य रूटों का भी है।
ज्ञात हो कि मोतीलाल नेहरू मार्ग पर पेयजल निगम ने पूर्व में पानी की लाइन डालने के लिए एक सड़क खोदी थी, जो बन चुकी थी, लेकिन गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने के कारण पहली बारिश में ही बह गई. उसके बाद एसएमडीएम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और पेयजल निगम के अधिकारियों को फटकार भी लगाई, लेकिन कोई काम नहीं हुआ. बीती रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण विभाग ने थोड़ी बहुत मरम्मत ईंट बिछा कर की थी वह भी बह गया ।
इसके साथ ही मसूरी के आसपास के इलाके को भी भारी बारिश से नुकसान हुआ है. बारिश के कारण लाइब्रेरी से मेकनन पंप तक का रास्ता भी मलबा आने से बंद हो गया, जिस पर स्थानीय पार्षद सरिता पंवार ने नगर अध्यक्ष अनुज गुप्ता को इसकी सूचना दी, जिसके बाद नगर पालिका ने जेसीबी भेजकर सड़क खोल दी.

