मसूरी : आपदा पर महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्यामंदिर इंटर कॉलेज सभागार में आयोजित संगोष्ठी में रोटरी क्लब मसूरी ने बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए सरकार के आपदा प्रबंधन संस्थानों के साथ ही समाज की भागीदारी आवश्यक है। .
राजेंद्र सिंह ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां किसी न किसी क्षेत्र में किसी न किसी तरह की आपदा आती ही रहती है। जिसके लिए सरकार की आपदा प्रबंधन संस्थाएं प्रयास तो करती हैं, लेकिन जब तक समाज की भागीदारी नहीं होगी, यह पूरी तरह सफल नहीं हो सकता है. इस दिशा में जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ स्कूलों सहित अन्य संस्थाओं को भी आगे आकर स्वयंसेवियों को तैयार करना होगा.

उन्होंने कहा कि भारत सरकार आपदा से निपटने के लिए लगातार नई तकनीक विकसित कर रही है और विदेशों से उच्च तकनीक प्राप्त कर रही है. जिसका समय-समय पर उपयोग किया जाता था, जिससे जान-माल का नुकसान काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत में बाढ़, भूस्खलन, भारी बारिश, तूफान, सुनामी समेत कई तरह की आपदाएं आती रहती हैं, जबकि पिछले साल भी कोरोना की आपदा आई थी. ऐसे में तमाम आपदाओं से निपटने के लिए सरकार के स्तर पर अलग-अलग प्रयास किए जा रहे हैं.
भविष्य में ऐसी तकनीक लाई जा रही है कि किसी भी क्षेत्र में आपदा आने से पहले इसका पता चल सके और इससे निपटने के लिए पहले से तैयारी की जा सके। इससे जान-माल की हानि से बचा जा सकेगा। इससे पूर्व रोटरी अध्यक्ष एवं पूर्व महानिरीक्षक बीएसएफ मनोरंजन त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए आपदा प्रबंधन संगोष्ठी के बारे में बताया कि इसका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है. संगोष्ठी के अंत में उपस्थित लोगों ने मुख्य अतिथि से प्रश्न भी पूछे, जिसका उन्होंने संतोषजनक उत्तर देकर लोगों की जिज्ञासा को शांत किया। कार्यक्रम के समापन पर मनमोहन कर्णवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम में दीपक गुप्ता, विनेष संघल, शैलेंद्र कर्णवाल, आरएन भार्गव इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अनुज तायल, रश्मि कर्णवाल, प्रधानाचार्या मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज अनीता डबराल, अर्जुन कैतुरा, संजय अग्रवाल, अजय भार्गव, नितीश मोहन अग्रवाल, नूपुर कैंतुरा, प्रधानाचार्य शिशु मंदिर मनोज रयाल समेत आईटीबीपी के जवान मौजूद रहे।

