मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने शहीद राज्य आंदोलनकारी के खिलाफ नगर निगम भवन में नगर पार्षद और महानगर कांग्रेस अधिकारी मीना बिष्ट के खिलाफ अभद्र बयान देने के गंभीर आरोपों का संज्ञान लिया, उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया गया है. मीना बिष्ट को जारी नोटिस में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी स्व. राजेश रावत को लेकर 25 अप्रैल को नगर निगम भवन में आपके द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी से मैं खुद, कांग्रेस पार्टी, राज्य निर्माण आंदोलनकारी और आम जनता आहत हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का सपना आंदोलन के शहीदों की शहादत से साकार हुआ और उत्तराखंड राज्य शहीद आंदोलनकारियों की विरासत है। राज्य निर्माण आंदोलन में राजेश रावत ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।

उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन संगठन, मसूरी समन्वयक प्रदीप भण्डारी , पूरण जुयाल, कमल भण्डारी , सोबन पंवार आदि ने एक बयान जारी कर शहीद राजेश रावत के प्रति कांग्रेस पार्षद मीना बिष्ट द्वारा की गई अनुचित टिप्पणी की कड़ी निंदा की है।

उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन ने भी नगर निगम देहरादून की पार्षद मीना बिष्ट द्वारा शहीद राजेश रावत के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी की कड़ी निंदा की है और नगर निगम बोर्ड देहरादून से मांग की है कि प्रस्ताव पारित कर पार्षद मीना बिष्ट पर हमेशा के लिए निगम बोर्ड में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया जाय । ताकि भविष्य के लिए यह एक ऐसा सबक हो कि कोई भी राष्ट्र विरोधी व्यक्ति शहीदों के प्रति या आंदोलनकारियों के प्रति गलत विचार न रखे और अपमानजनक टिप्पणी न करें।

आपको बता दें कि 2 अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर गोलीकांड की दर्दनाक घटना के एक दिन बाद 3 अक्टूबर को देहरादून में राज्य के आंदोलनकारियों में उबाल आ गया था और यूपी सरकार मुर्दाबाद और यूपी पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए लोग जगह-जगह से सड़कों पर निकलने लगे। इस दौरान डीएवी कॉलेज की ओर से छात्र व राज्य आंदोलनकारी करनपुर में जमा हो गए। बड़ी संख्या में राज्य के आंदोलनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ना शुरू कर दिया। तभी किसी ने पीछे से पत्थर फेंका और समाजवादी पार्टी के तत्कालीन नेता सूर्यकांत धस्माना के आवास पर भीड़ जमा होने लगी. तभी अचानक भीड़ में मौजूद कुछ छात्रों के छर्रे लग गए और अचानक गोली लगने से राजेश शहीद हो गए थे .