नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में प्लास्टिक कचरे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई की है. सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि राज्य में प्लास्टिक बैन के आदेश का पालन नहीं हो रहा है, जिस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट की बेंच ने कहा कि अधिकारियों को लेकर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति स्वयं मौके पर जाकर इसकी जांच करेंगे। जिसकी शुरुआत 8 सितंबर को धानाचूली से की जाएगी। निरीक्षण के बाद अग्रिम आदेश पारित किया जाएगा। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 12 सितंबर की तारीख तय की है।

बता दें कि अल्मोड़ा हवलबाग निवासी जितेंद्र यादव ने एक जनहित याचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने 2013 में बने प्लास्टिक के इस्तेमाल और उसके निस्तारण के लिए नियम बनाए थे. लेकिन इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। 2018 में केंद्र सरकार ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स बनाए थे। जिसमें उत्पादकों, ट्रांसपोर्टरों और विक्रेताओं को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि जितना अधिक प्लास्टिक निर्मित सामान वे बेचेंगे, उतना ही खाली प्लास्टिक वे वापस ले लेंगे। नहीं लेने पर संबंधित नगर निगम व नगर पालिका व अन्य को राशि दी जाएगी, जिससे वे उसका निस्तारण कर सकें।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उत्तराखंड में इन सबका उल्लंघन हो रहा है। इसका पालन कोई नहीं कर रहा है। पहाड़ी इलाकों में प्लास्टिक के ढेर लगे हैं और उसका निस्तारण नहीं हो रहा है। जिस पर कोर्ट ने कहा कि मौके पर ही न्याय खुद सच्चाई का पता लगाएंगे ।

