मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी बड़े अधिकारियो को चेतावनी दी यदि सड़क दोबारा ना बनी तो एक बड़ा आंदोलन होगा।
मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सड़कों के निर्माण को लेकर उत्तराखंड मुख्यमंत्री और उप जिलाधिकारी मसूरी को एक पत्र लिखा। जिसमे बताया गया है कि लोकप्रिय पर्यटन स्थल मसूरी की अधिकांश सड़कें बारिश के कारण खराब स्थिति में हैं और लोग दिन-ब-दिन घायल हो रहे हैं और दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है, जिससे क्षेत्र के निवासियों में भारी आक्रोश है।
मसूरी वासियों ने दो सितंबर को मसूरी का दौरा करने वाले राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष भी खराब सड़कों का मुद्दा उठाया था और मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने का निर्देश दिया था. लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ है।
मसूरी में सड़कों की हालत खराब है। हाल ही में मसूरी-देहरादून सड़क के साथ मसूरी माल रोड का डामरीकरण किया गया था। लेकिन मानसून की शुरुआत के साथ ही सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

राष्ट्रीय राजमार्ग पर पेट्रोल पंप के पास सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्यौता दे रहे हैं, लेकिन न तो एनएच के अधिकारी और न ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक मसूरी में ऐसी कोई सड़क नहीं है, जो सुरक्षित हो। यमुना पेयजल योजना के तहत सड़क खोदकर पाइप लाइन बिछाई गई। लेकिन ठेकेदारों ने सही मानकों के अनुरूप सड़कों की मरम्मत नहीं करायी, जिससे बरसात शुरू होते ही सड़क खराब हो गयी.
बारिश से मसूरी में सड़कों की हालत खराब है, लेकिन न तो एसडीएम और न ही नगर पालिका प्रशासन ध्यान दे रहा है. जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नेशनल हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्यौता दे रहे हैं।
उत्तराखंड में मसूरी की स्थानीय जनता और पर्यटकों का उत्पीड़न हो रहा है ।
शहर की अंदरूनी सड़कों की हालत इन दिनों बड़ी खस्ता है। नगर पालिका के पास सड़कें बनाने के लिए पैसे का अभाव लगता है। यह खस्ता हाल सड़कें राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क इतनी बदहाल बनी हुई है कि इन पर पैदल गुजरना भी लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
आवाज उठाने पर वह पैचवर्क के नाम पर लीपापोती करने की जुगत में जुट जाते हैं, पर थोड़ी बारिश होने पर पैचवर्क के बहने से सड़कों के बुरे हाल हो जाते हैं।
मसूरी की सड़कें जगह-जगह पर गड्ढों में तब्दील हैं। लोगों को मलाल है कि तमाम तरह के टैक्स लेने के बावजूद पालिका प्रशासन सड़कों की दशा ठीक करने की कोशिश नहीं जुटा रहा है। कई सड़कें तो ऐसी हैं, जो पिछले पांच साल से भी नहीं बनीं हैं। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अपने चहते ठेकेदार को काम देने की कोशिश में नज़र आते हैं, पर उनका ध्यान सड़कों पर ना होकर, बड़े फायदे के निर्माण कार्य कराने पर ज्यादा है।
पिक्चर पैलेस से लंढौर तक , काला स्कूल से गाँधी चौक तक , स्प्रिंग रोड , कैमल बैक रोड , साउथ रोड , भिलारु मार्ग , खट्टा पानी मार्ग , मोहल्ले के मार्ग आदि सभी सड़कें नगर पालिका के अंतर्गत आती हैं और बदहाल हैं ।
नगर पालिका क्षेत्र में कुछ सड़के लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत आती है, जैसे माल रोड का रखरखाव । कई बार शिकायत के बावजूद भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व सरकार ने सड़क की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिस कारण क्षेत्र के दोपहिया वाहन चालकों व राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क के जगह-जगह टूटने से कई बार दो पहिया वाहन चालक का बैलेंस बिगड़ जाता है और वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
सड़कों पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे निरंतर हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। बरसात के दिनों में सड़क में बने गहरे गड्ढों में पानी जमा हो जाता है। जिससे दोपहिया वाहन चालकों व पैदल चलने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गढ्डों में नजर नहीं आती है सड़क क्योंकि बारिश के कारण सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर चुका है। जिस कारण सड़क पर पड़े गड्ढों का पता नहीं चलता जिस कारण राहगीरों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन सभी तथ्यों से साफ़ है की मसूरी के नागरिक तो परेशान हैं ही, साथ साथ मसूरी की छवि पर्यटकों के बीच भी खराब हो रही है जिसका सीधा असर पर्यटन और रोजगार पर पड़ेगा।
हमारी, मसूरी नगर पालिका पारिषद और लोक निर्माण विभाग से मांग है की इन सड़कों को दोबारा बनाया जाए ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। ऐसा ना होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

