हल्द्वानी , PAHAAD NEWS TEAM
डॉक्टर्स डे 2021 : रामलीला में लक्ष्मण के पात्र का अभिनय करने से मिली प्रेरणा ने गांव के एक गरीब लड़के के सफल डॉक्टर बनने की कहानी लिख दी है. द्वाराहाट के बयाला सदीगांव निवासी हेम चंद्र ने हाई स्कूल तक की पढ़ाई गांव से ही की है. रामलीला में लक्ष्मण की भूमिका निभाते हुए मेघनाद के हाथों बेहोश होने के बाद सुषेन वैद्य से बचाए जाने के प्रसंग को हेम ने जीवन में उतारना शुरू किया । जब हेम डेढ़ साल का था, उसके पिता का निधन हो गया। अत्यधिक गरीबी के बावजूद उन्होंने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में जाने का संकल्प लिया और सपना पूरा किया। आज हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में डॉ. हेम चंद्र अपनी योग्यता से देश-विदेश में नाम कमा रहे हैं।
मिशन इंटर कॉलेज द्वाराहाट से हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद हेम 1970 में अपने वकील भाई प्रमोद पांडे के साथ लखनऊ चले गए। यहां से उन्होंने इंटर की पढ़ाई करते हुए सीपीएमटी क्वालीफाई किया और 1982 में केजीएमसी (अब केजीएमयू) से एमबीबीएस की डिग्री ली। डिग्री के बाद, उन्होंने पहले तीन वर्षों तक अंडमान और निकोबार के आर्मी अस्पताल में मेजर के रूप में काम किया। फिर वे दो साल तक बरेली और शाहजहांपुर में तैनात रहे। तब से वे पीजीआई लखनऊ में अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रमुख और चिकित्सा अधीक्षक रहे।
सितंबर 2018 में कुलपति बनने के बाद डीजी स्वास्थ्य उत्तराखंड ने उन्हें कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर की रोकथाम और प्रबंधन के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष के रूप में नामित किया है। डॉ. हेम ने विश्वविद्यालय में पहली बार पीएचडी पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। मास्टर इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (एमएचए) भी इसी सत्र से शुरू हो रहा है। डॉ हेम का कहना है कि गांव के वंचित जीवन से आगे निकलना इतना आसान नहीं था। बावजूद इसके शुरुआत से ही एक संकल्प था कि चिकित्सक बनकर पब्लिक की सेवा करनी है। लक्ष्य है कि सेवा का यह कार्य चलता रहे।
इस सम्मान से सम्मानित होने वाले देश के पहले डॉक्टर
प्रो. केएन अग्रवाल, पूर्व निदेशक, संजय गांधी पीजीआइ, लखनऊ ने बताया कि प्रो. हेम चंद्र ऐसे कुशल अस्पताल प्रशासक, शिक्षाविद व शोधकर्ता हैं, जो कुलपति के प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे हैं। साथ ही रॉयल कालेज ऑफ फिजिशियन (एफआरसीपी ग्लास्गो व एडिन यूके) फेलो से सम्मानित हैं।
अस्पताल में बढ़ाई गई बेड की संख्या
प्रो. एके महापात्रा, पूर्व निदेशक संजयगांधी पीजीआइ, लखनऊ का कहना है कि एम्स नई दिल्ली से एमएचए की डिग्री लेने के बाद डॉ. हेम ने एसजीपीजीआई लखनऊ के सुपरस्पेशलिस्ट मेडिकल बेड को 25 से बढ़ाकर 1200 कर दिया। मरीजों को सस्ता और उच्च गुणवत्ता वाला इलाज उपलब्ध कराना। अस्पताल की विकट समस्या कूड़ा-कचरा को निष्पादित कर उससे धनार्जन करने में भी डा. हेम चंद्र को महारत हासिल है।

