देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के प्रयास में राज्य सरकार ने अब डेंगू की बीमारी की रोकथाम के लिए कवायद शुरू कर दी है. इसी कड़ी में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने सभी जिलों के डीएम और सीएमओ को दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसमें कहा गया है कि डेंगू और चिकनगुनिया रोग की रोकथाम और नियंत्रण में अन्य विभागों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी है। इसलिए समय रहते डेंगू के मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सभी विभागों को लगातार सभी गतिविधियों को अंजाम देना चाहिए।
सचिव स्वास्थ्य ने निर्देश दिए हैं कि डेंगू की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रखंड स्तर पर सूक्ष्म योजना बनाकर कार्रवाई की जाए. डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को रोकने के लिए नगर निकायों को लगातार सफाई अभियान चलाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि डेंगू पर नियंत्रण के लिए लार्वा निरोधात्मक कार्यवाही एक कारगर उपाय है। इसके लिए नगर निकाय आशा कार्यकत्र्ता व अन्य विभागों के सहयोग से टीमें गठित की जा सकती हैं। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार फॉगिंग कराने पर जोर दिया गया है।
निर्देश दिए गए हैं कि डेंगू के इलाज और नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन सभी राज्य और निजी अस्पतालों, डॉक्टरों को उपलब्ध कराई जाए. इस गाइडलाइन के अनुसार अस्पतालों में डेंगू आइसोलेशन वार्ड तैयार कर पर्याप्त बेड की उपलब्धता, नोडल अधिकारी की तैनाती व अन्य कदम उठाए जाएं। सभी जांच केंद्रों पर एलाइजा जांच किट व अन्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए |
डेंगू को लेकर प्रचलित भ्रांतियों और आशंकाओं को दूर करने के लिए डीएम को स्वास्थ्य विभाग और आईएमए, निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब के प्रतिनिधियों के बीच बैठकों का समन्वय करने के लिए कहा गया है. साथ ही जून से नवंबर तक जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएं। सचिव स्वास्थ्य ने राज्य के सभी छावनी बोर्डों को दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।

