हल्द्वानी , PAHAAD NEWS TEAM
अब आप कुमाऊं की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी से फुटकर खरीदारी नहीं कर पाएंगे. ऐसा करते हुए पाए जाने पर ₹100 का जुर्माना भरना होगा। साथ ही निजी दोपहिया और चार पहिया वाहनों के मंडी में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। हल्द्वानी मंडी के सचिव विश्व विजय सिंह देव ने कहा कि सरकार की नई गाइडलाइंस के तहत अब फुटकर खरीदारों के बाजार में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है.
19 मरीजों की इलाज के दौरान मौत, 30 हुए स्वस्थ
हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में कोविड सोमवार को 19 संक्रमित मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 30 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. अस्पताल के एमएस डॉ अरुण जोशी ने बताया कि इस समय अस्पताल में 347 संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 165 मरीजों की हालत गंभीर है. जबकि 65 मरीजों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। सभी संक्रमित डॉक्टरों की निगरानी में हैं। डॉक्टरों की बेहतर टीम काम कर सभी मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है.
इस तरह बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
किसी भी संक्रमण के दौर में खुद को बचाने में सबसे अहम योगदान होता है आपकी इम्युनिटी का, यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता का. अगर आपका इम्यून सिस्टम अच्छा नहीं होगा तो कोई भी बीमारी जल्द ही आपको अपनी चपेट में ले लेगी। अब सवाल यह उठता है कि आप घर बैठे अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएंगे?
तो इसके लिए आपको हल्द्वानी के वन अनुसंधान केंद्र की मदद लेनी होगी। जहां कोरोना काल में औषधीय पौधों के विकास और संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं। आजकल ऐसी दवाओं और पौधों का क्रेज बढ़ गया है, जो आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं। हल्द्वानी वन अनुसंधान केंद्र शुरू से ही वनस्पतियों पर बेहतर शोध कर रहा है।
ये पौधे बढ़ाते हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता
वनस्पति जगत में एक से एक पौधे हैं जो मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं, जिसमें मुख्य रूप से श्वसन क्रिया के लिए वच, कालमेघ, दम बेल शामिल हैं। जो आपके फेफड़ों को मजबूत बनाते हैं और बेहतर प्रक्रिया के लायक बनाते हैं । गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा, धृतकुमारी, कासनी, सर्पगंधा, इम्युनिटी बूस्टर पौधे हैं, आप इन पौधों को घर पर उगा सकते हैं और उनका उपयोग कर सकते हैं। ये पौधे वन अनुसंधान केंद्र हल्द्वानी में तैयार किए जा रहे हैं।
इम्युनिटी के लिहाज से इन पौधों की मांग वन अनुसंधान केंद्र के अधिकारियों के पास रोजाना आ रही है, दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग जगहों से आ रहे इन पौधों की डिमांड के चलते इन पौधों को वन अनुसंधान केंद्र हल्द्वानी की नर्सरी में तैयार किया जा रहा है । वन अनुसंधान केंद्र के प्रभारी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि लॉकडाउन के बाद इन 7 से 8 प्रजातियों के पौधों को बांटने की योजना बनाई जा रही है, इन प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाने के लिए बड़ी मात्रा में इनके संरक्षण का कार्य भी किया जा रहा है ।

