देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM
राज्य में मछुआरों को राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की उपलब्धता में आ रही दिक्कतों का निदान ढूंढ लिया गया है। मत्स्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि अब जिला सहकारी बैंकों (डीसीबी) से मछुआरों को केसीसी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे अन्य किसानों की तरह मछुआरों को भी फायदा होगा।
विभागीय मंत्री आर्य ने समीक्षा बैठक के दौरान जिलों में बने तालाबों, ट्राउट रेसवेज, बायोफ्लाक यूनिट आदि की विस्तार से जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मछुआरों को बीमा सुविधा मुहैया कराने के लिए बीमा कंपनियों से बातचीत की जाए. उन्होंने उत्तरकाशी एवं देहरादून के मात्स्यिकी क्षेत्रों में इनब्रीडिंग की समस्या को देखते हुए पुराने ब्रूड स्टाक को हटाकर नए बू्रड स्टाक विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्राउट मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चमोली जिले के बैरांगना क्षेत्र में आरएएस प्रणाली विकसित की जाएगी. साथ ही मछलियों के सुगम एवं स्वच्छ वातावरण में परिवहन के लिए दो इंस्युलेटेड ट्रक और मत्स्य पालकों के लिए इंस्युलेटेड बाक्स व क्रैट उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। । साथ ही फिंगरलिंग आकार के मत्स्य बीज के प्रयोग से होने वाले लाभों को दृष्टिगत रखते हुए सभी जिला कार्यालयों एवं क्षेत्रों में तुलनात्मक चार्ट चिपकाने तथा मछुआरों को जागरूक करने पर बल दिया गया।
विभागीय मंत्री आर्य ने ऊधमसिंह नगर जिले में ग्राम समाज के तालाबों को पट्टों के आवंटन में तकनीकी दिक्कतों के बारे में भी अधिकारियों से विचार विमर्श किया. उन्होंने निर्देश दिए कि इस संबंध में पूर्व में जारी शासनादेश और व्यवस्था का परीक्षण किया जाए। उन्होंने मत्स्य क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत राजकीय प्रक्षेत्रों में जर्जर हो चुके आवासीय भवनों की मरम्मत कराने के लिए भी निर्देशित किया ।

