घनसाली , PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड में कोविड-19 के चलते रैलियों और सभाओं पर रोक लगा दी गई है और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के भी निर्देश दिए गए हैं. इसके बावजूद विधायक व नेता कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसा ही नजारा घनसाली विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला। यहां आज नेता नहीं बेटे का नारा लगाने वाले पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने नियम-कानून की अनदेखी कर विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। इस दौरान पूर्व विधायक भीम लाल आर्य और उनके समर्थक धारा 144 और कोविड-19 के दिशा-निर्देशों को भी भूल गए. नियमों पर कार्रवाई का दावा करने वाला प्रशासन भी इस दौरान मूकदर्शक बना रहा।

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग ने रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगा दी है. ऐसे में ताजा मामला घनसाली से सामने आया है। इधर शशि कॉन्प्लेक्स में भीम लाल आर्य ने नियम-कायदों की अनदेखी कर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। इस दौरान पूर्व विधायक भीम लाल आर्य और उनके समर्थकों ने धारा 144 और कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो वायरल होने के बावजूद भीम लाल आर्य के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे सवालिया निशान लग रहे हैं। आचार संहिता और कोविड-19 दिशा-निर्देशों की धारा 144 के उल्लंघन के मामले में क्या प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जाएगी?

गौरतलब है कि इससे पहले घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह भी नियमों का पालन करते हुए रैली करते नजर आए थे. टिकट मिलने के बाद रिसेप्शन में शाह ने चमियाला बाजार में कोविड दिशा-निर्देशों और आचार संहिता का उल्लंघन किया. चुनाव आयोग ने इस खबर पर कार्रवाई करते हुए विधायक शक्तिलाल शाह को नोटिस जारी किया है. साथ ही 24 घंटे के अंदर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. अब देखते हैं कि भीम लाल आर्य पर क्या कार्रवाई होती है।