मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM

धनौल्टी से आप प्रत्याशी अमेन्द्र बिष्ट ने प्रीतम सिंह पंवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि मैंने धनौल्टी विधायक प्रीतम सिंह के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष से दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की थी, जिसके चलते प्रीतम सिंह ने खुद 12 जनवरी को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे 15 जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर कर लिया है।

अमेन्द्र बिष्ट ने कहा कि प्रीतम सिंह ने भाजपा में शामिल होने के बाद दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन किया था। उन्होंने कहा कि सत्य की जीत हुई, संविधान और लोकतंत्र की जीत हुई। यह कार्रवाई सितंबर महीने में हो जानी चाहिए थी, लेकिन न तो भाजपा सरकार और न ही विपक्ष में बैठी कांग्रेस दलबदल के खिलाफ कार्रवाई करना चाहती थी. क्योंकि दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

लोकतंत्र की रक्षा के लिए मेरे द्वारा विधानसभा में दलबदल विरोधी अधिनियम के तहत एक याचिका दायर की गई थी, जिसके तहत प्रीतम सिंह पंवार ने कार्यवाही को देखते हुए विधायी पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे स्पष्ट हो गया है कि विधायक प्रीतम सिंह पंवार सितंबर से अवैध रूप से विधायक पद पर काबिज थे.

सितंबर से अब तक उत्तराखंड के लोगों का जो पैसा विधायक निधि भत्ता आदि के रूप में लिया गया था, जो लगभग 20 लाख रुपये है, उसे नैतिकता के आधार पर तुरंत राजकोष में जमा किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने 2017 से लोकतंत्र की परंपराओं को बिगाड़ने का काम किया है. बीजेपी कांग्रेस दोनों सगे भाई हैं. दोनों एक ही पार्टी में हैं और जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. जबकि आम आदमी पार्टी जनता की है और जनता की बात करती है। इस बार राज्य में आप की सरकार बनने जा रही है.