देहरादून, पहाड़ न्यूज टीम

अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद से भारतीय सेना के तीनों अंगों थल, जल और वायु सेना में भर्ती के लिए कई सवाल उठ रहे हैं. तमाम तरह की शंकाओं के चलते देश के अलग-अलग राज्यों में युवा सड़कों और रेल पटरियों पर उतर आए हैं. अग्निवीर के रूप में चार साल की सैन्य सेवा के बाद भविष्य को लेकर आशंकित युवा प्रदर्शन करने निकल पड़े हैं। कई जगह योजना का विरोध कर रहे युवाओं की भीड़ उग्र हो गई और जमकर उत्पात भी मचाया.

इन सबके बीच उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (आर) गुरमीत सिंह ने कहा कि अग्निपथ योजना की मदद से हमारे युवाओं को सेना में भर्ती होने के अधिक अवसर मिलेंगे. योजना की घोषणा के बाद सभी में देशभक्ति की भावना होगी और इसे सकारात्मक रूप से लिया जाना चाहिए।

सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए घोषित ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में रेलगाड़ियों में आगजनी, जनता और पुलिस के वाहनों में आग लगाने की घटनाओं के बीच सरकार ने गुरुवार को इस प्रक्रिया के तहत भर्ती की उम्र 2022 के लिए पूर्व में घोषित 21 साल से बढ़ाकर 23 साल हो गई। बता दें कि कई राजनीतिक दलों ने भी इस योजना को वापस लेने की मांग की है।