देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM
देहरादून के डीडी कॉलेज में हर साल की तरह दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हो गई है. इस बार राज्य के ज्वलंत विषय प्रवास और ग्रामीण बस्तियों की स्थिरता’ ‘ पर चर्चा हो रही है। संगोष्ठी को वर्तमान संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए वक्ताओं ने उत्तराखंड के पलायन और समाधान पर चर्चा की।
प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि प्रदेश में दशकों से ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर पलायन जारी है। इसका स्थानीय जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। संगोष्ठी का विषय वर्तमान संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण है। विशिष्ट अतिथि कौशल कुमार शर्मा ने अपने अतिथि वक्तव्य में कहा कि प्रवास का स्थानीय जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। जिससे पर्यावरण, जनसंख्या असंतुलन, कृषि बागवानी बहुत अधिक प्रभावित हुई है। लगातार गांव से पलायन के कारण स्थिति में काफी बदलाव आया है।
प्रोफेसर बीडब्ल्यू पांडे ने कहा कि उत्तराखंड के गांवों में अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास में समुचित संतुलन बनाए रखने और संपोषित विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पलायन की समस्या को ठोस व स्थाई समाधान की आवश्यकता है । अकादमिक अध्यक्ष डॉ वीके त्यागी ने अपने बयान में कहा कि गांव से पलायन की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.
भारत में विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पलायन की समस्या के ठोस और स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जाने आवश्यक है। संगोष्ठी में दिल्ली विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, दून विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जैसे विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने संबंधित विषय पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। साथ ही सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया।

