देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

उन्होंने सरकार से मांग की है की ऋषिकेश IDPL में बंद पड़ा आक्सीजन प्लांट को जल्दी से जल्दी सुरु करना चाहिए और उन्होंने कहा की ऋषिकेश के आसपास अभी तक 18+ के लिए वैक्सीनेशन भी शुरू नही हो पाया।

श्री सारस्वत ने कहा है की हम सब को मिलकर देवभूमि को कोरोना से बचाना है और जैसा आप लोग जानते है की कोरोना अब उत्तराखंड के गावो तक फैला गया है। श्री सारस्वत इसके लिए सरकार का मिस मैनेजमेंट को मानते है, क्योकि सरकार ने इस ओर कोई ठोस प्रयाश नही किये है उसका नतीजा ये है की आज हमारे देवभूमि के अधिकतर गांव कोरोना महामारी की चपेट में आ चुके है। जैसा हम लोग जानते है की पहाड़ो में जीवन बहुत बिसम परिस्थियों में जीया जाता है। यहाँ पर न तो शहर जैसी सुभिधाएँ है ओर नहीं उस लेवल के हॉस्पिटल है अधिकतर गावो में तो अभी सड़क भी नहीं है यैसे में तो वहाँ पर मेडिकल सुविधा का पहुंचना अपने आप में बहुत बड़ा मुश्किल काम है। पहाड़ो पर न डॉक्टर है न वेंटीलेटर,न टेस्टिंग की सुविधा, न दवाइया न एम्बुलेंस और ऑक्सीजन बेड की तो कल्पना करना ही मजाक है और हालत इतने बिगड़ चुके है की पिछले 10 दिनों के 70,000 नए कोरोना मामलो में से 21,000 से ज्यादा मामले पहाड़ो और गाँवो में है।

उन्होंने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही है की ऋषिकेश IDPL में बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट को जल्दी से जल्दी चालू करवाना चाहिए। यहाँ पर कुछ मशीने पहले से मौजूद है ओर इसमें लागत ओर समय दोनों की बचत होगी

जैसा की उच्च न्यायालय पहले ही उत्तराखंड की तीरथ सिंह सरकार को लताड़ लगा चुकी है, की सरकार कोरोना को रोकने में नाकाम रही है।
श्री सारस्वत ने सरकार पर आरोप लगाया है की पहले तो सरकार जंगलो में आग को भुजाने में नाकाम रही है, उसी प्रकार से अब सरकार कोरोना संक्रमण रोकने में विफल रही है।

श्री सारस्वत ने ये भी आरोप लगाया है की CMR के कोरोना सम्बन्धी निर्देशों का उतराखंड सरकार को पहले से पता था की कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपाने वाली है फिर भी कोई ठोस उपाय नही किये। सरकार को बस इतना करना था की सभी प्रकार के व्यापारियो और वर्गो के लिए जायज राहत पैकेज बना कर कुम्भ स्नान को सिमित कर देना चाहिए था। परन्तु इन्हे धर्म की राजनीती करनी थी, कुम्भ का बजट जो ठिकाने लगाना था और फिर अगर कोरोना प्रदेश में न आता तो इन्हे आपदा में वो अवसर कहा से मिलते जो अब मिल रहे है । अब जैसी की सरकार ने चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया अब इससे जुड़े हुए हजारो लोगो की रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने ये आरोप भी लगाया है रायवाला छिद्दरवाल डोइवाला श्यामपुर गढ़ी रानी पोखरी नेपाली फार्म प्रतितनगर आदि जैसे क्षेत्रो में 18-44 आयु वर्ग का टीकाकरण शुरू ही नहीं हुआ. और अब शुरू कर भी देंगे तो इनके पास वैक्सीन नहीं है। हमारे प्रदेश की जनसंख्या एक करोड़ से ज्यादा है और अभी तक सिर्फ 4 लाख 85 हजार को ही वैक्सीन लग पाई है।

उन्होंने मांग की सरकार को चाहिए की मानवीय दायित्व का निर्वहन करते हुए प्रदेश की जनता को उचित राहत पैकेज जारी करके उन्हें इस कोरोना और भूख व लाचारी से बचाया जाय ओर इसके साथ ही पहाड़ का स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करना चाहिए। सबको वैक्सीन न लगे तक लॉकडाऊन का सही प्रबंधन करे। अन्यथा देवभूमि के देवता और यह की भोली जनता के सबसे बड़े अपराधी ये वर्तमान भाजपा सरकार ही होगी ।