उत्तरकाशी : उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुलते हैं. वहीं, दयारा बुग्याल तक पैदल मार्ग से नहीं पहुंचने वाले पर्यटक मोटर पैराग्ला‌इडिंग से दयारा बुग्याल के साथ हिमालय देख सकेंगे। ग्राम पंचायत नटीण की पहल पर हिमालयन एयरो स्पोर्ट्स एसोसिएशन (हासा) ने नटीण गांव में मोटर पैराग्लाइडिंग का सफल परीक्षण किया है। जिसके बाद यहां मोटर पैराग्लाइडिंग के मानकों के अनुरूप जमीन तलाशने का काम शुरू हो गया है।

पैराग्लाइडिंग का सफल परीक्षण : गौरतलब है कि समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पर्यटन स्थल दयारा बुग्याल (ग्रीन मीडोज) घूमने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन सड़क से 9 किमी की पैदल दूरी और खड़ी चढ़ाई के कारण कई लोग बुग्याल तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत नटीण ने गांव को पैराग्लाइडिंग हब बनाने की पहल की है।

ग्राम प्रधान नटीण महेंद्र पोखरियाल ने बताया कि नतिन गांव में पैराग्लाइडिंग की असीम संभावनाएं हैं. इन संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए हिमालयन एयरो स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने गांव में मोटर पैराग्लाइडिंग का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

पैराग्लाइडिंग से होंगे कई फायदे: उन्होंने बताया कि पैराग्लाइडिंग शुरू होने पर पर्यटक दयारा बुग्याल के साथ कुश कल्याण, जौराई बुग्याल, सहस्त्रताल व खेड़ातााल समेत हिमालय की चोटियों को देख सकेंगे. हिमालयन एयरो स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव विनय सिंह ने कहा कि सफल ट्रायल के बाद यहां मोटर पैराग्लाइडिंग के लिए 200 मीटर व्यास की जमीन लीज पर ली जाएगी। जिसके बाद यहां एक साल के भीतर मोटर पैराग्लाइडिंग शुरू हो जाएगी।

हिमालयन एयरो स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव विनय सिंह ने कहा कि नटीण गांव में मोटर पैराग्लाइडिंग शुरू होने से कई फायदे होंगे. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को मुफ्त दवा के साथ सड़क से दूर गांवों तक पहुंचाने, तलाशी व बचाव, पर्यावरण संरक्षण के लिए बीज का छिड़काव और यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम भी किया जाएगा.