उत्तरकाशी, PAHAAD NEWS TEAM

जिला प्रशासन ने भारत-चीन सीमा से सटे जादुंग और नेलांग के गांवों को फिर से बसाने की कवायद तेज कर दी है. डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर इन गांवों को खेती और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि इन गांवों का सामरिक दृष्टि से आबाद रहना बेहद जरूरी है। जल्द ही गांवों का संयुक्त सर्वे किया जाएगा।

कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम दीक्षित ने ग्राम जादुंग व नेलांग के विस्थापित ग्रामीणों के साथ आर्मी,आईटीबीपी, राजस्व, वन विभाग, उद्यान, पशुपालन, लोनिवि, विद्युत आदि विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि वे अपने गांव को फिर से बसा हुआ देखना चाहते हैं। गांव में खेती और अन्य गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रशासन का सहयोग जरूरी है। बैठक में आईटीबीपी व सेना सहित विभागीय अधिकारियों ने विस्थापित ग्रामीणों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अनुशंसा की. बैठक में डीएम ने अधिकारियों को 28 व 29 मार्च को ग्राम जादुंग का संयुक्त सर्वे करने और अप्रैल माह में ग्राम नेलांग का संयुक्त सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए.

बता दें कि 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान गांव जादुंग व नेलांग के निवासियों को सुरक्षा के लिए गांव बगोरी व वीरपुर डुण्डा में विस्थापित किया गया था. तब से विस्थापित ग्रामीण जिले के ग्राम बगोरी व वीरपुर डुण्डा में रह रहे हैं. बैठक में सीडीओ गौरव कुमार, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क रंगनाथ पांडेय, एसपी पीके राय, आईटीबीपी सेनानी अशोक सिंह बिष्ट , सेना के मेजर भरत यादव मौजूद थे.