देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

दीपों का पावन पर्व दीपावली आने वाला है. बाजार में इसे लेकर अभी से रौनक बढ़ने लगी है। दिवाली की दस्तक से पहले लोग अपने घरों को सजाने के लिए जमकर खरीदारी कर रहे हैं. बाजार भी दिवाली के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। वहीं देहरादून में हरित दीपावली का संदेश देते हुए इस वर्ष हिमवंत फाउंडेशन सोसायटी की ओर से गाय के गोबर से सुंदर लक्ष्मी गणेश प्रतिमाएं व दीप आदि तैयार किए जा रहे हैं. जिसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पर्यावरण के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

गौरतलब है कि इस वर्ष दीपों के त्योहार के लिए देहरादून से दीपावली, सुंदर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियाँ, लक्ष्मी पदचिन्ह और दीया आदि गाय के गोबर और जड़ी-बूटियों के मिश्रण से तैयार किए गए हैं। PAHAAD NEWS TEAM से बात करते हुए फाउंडेशन की अध्यक्ष संगीता थपलियाल ने कहा कि इस साल कुछ खास तरह के उत्पादों के साथ उनका संगठन हरित दिवाली मनाने का संदेश दे रहा है. गाय के गोबर से बने इन उत्पादों की खासियत यह है कि दिवाली पूजा के बाद इनका आसानी से निस्तारण किया जा सकता है। पूजा करने के बाद इन गाय के गोबर की मूर्तियों को इधर-उधर फेंकने के बजाय घर के बर्तनों में रख सकते हैं और यह खाद बन जाती है।

संगीता थपलियाल ने कहा कि इस तरह के उत्पादों से किसी भी तरह का कचरा नहीं बनेगा। अक्सर दिवाली के बाद पूजे जाने वाले लक्ष्मी गणेश की मूर्ति को पेड़ों के नीचे छोड़ दिया जाता है। जिससे देवताओं का अपमान होता है। अगर इस साल हरी और जैविक दीपावली का संदेश देते हुए उनकी संस्था द्वारा गाय के गोबर और जड़ी-बूटियों से लक्ष्मी गणेश आदि की मूर्तियां और दीपक तैयार किए गए हैं. जो पूरी तरह से इको फ्रेंडली हैं।

खास बात यह है कि वे गाय के गोबर और जड़ी-बूटियों से बने दीपक और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। फाउंडेशन की सदस्य दीपिका भट्ट ने बताया कि इन उत्पादों को फाउंडेशन की वेबसाइट www.himwantfoundation.org.in पर जाकर ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। इसके अलावा देहरादून के लोग आईएसबीटी रोड स्थित शांति विहार स्थित अपने कार्यालय से भी इन्हें सीधे खरीद सकते हैं।