देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM
उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर कोतवाली में कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के खिलाफ दर्ज मामले पर हरीश रावत ने आपत्ति जताई है. इस मामले को लेकर हरीश रावत ने एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि ‘”जबरा मारे रोने न दे” उत्तराखंड में यही कहावत बाजपुर में साकार हो रही है। सत्तारूढ़ दल का खनन माफिया से गठजोड़ है। यशपाल आर्य पर हमला किया गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
हरीश रावत ने लिखा कि यशपाल आर्य पर हमला करने वाले अपराधी अभी पकड़े नहीं गए हैं. वहीं दूसरी ओर यशपाल आर्य को गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है. मन बहुत व्यथित है, यह एक छोटा सा राज्य है, अगर इसे इस तरह से चलाया गया तो यह राज्य माफिया राज्य में परिवर्तित हो जाएगा। राज्य बदला जा सकता है, यदि राज्य का भी वर्णन किया जाए, तो हमारे राज्य बनाने की कल्पना दूर हो जाएगी। पूरी घटना से मुझे गहरा दुख पहुंचा है। इसलिए हरीश रावत ने सुबह 10 बजे से 11 बजे तक अपने आवास पर मौन व्रत रखा।
बता दें कि ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर थाने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य समेत 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. यह मामला पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य के काफिले पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ा है. इस मामले में दूसरी तरफ यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य की ओर से बाजपुर थाने में मामला दर्ज कराया जा चुका है.
क्या है मामला: 4 दिसंबर को कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य एक कार्यक्रम में शामिल होने बाजपुर जा रहे थे. दोपहर में जैसे ही यशपाल आर्य का काफिला बाजपुर पहुंचा, एक दल ने उनके काफिले को रोक लिया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई और मारपीट में बदल गया। बाद में बीच-बचाव के बाद दोनों पक्ष अलग हो गए।

