मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM

मसूरी पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत इन दिनों उत्तराखंड पेयजल निगम मसूरी में पानी की लाइन बिछाने का काम कर रहा है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । कई जगह सड़कें टूटने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।

मसूरी बार्लोगंज बाला हिसार रोड पर पेयजल लाइन बिछाने के लिए जेसीबी से बेतरतीब ढंग से सड़कें खोद दी गई हैं, जिससे सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. टेलीफोन लाइनों के साथ-साथ पुरानी पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बताया जा रहा है कि पेयजल योजना के तहत उत्तराखंड पेयजल निगम ने पहले 4 इंच की लाइन डालने के लिए सड़क खोदी, फिर उसकी मरम्मत की गयी. अब एक बार फिर से 10 इंच की लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी जा रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है और जनता का पैसा भी पानी की तरह बर्बाद हो रहा है.

स्थानीय निवासी सुधीर डोभाल ने कहा कि जब निगम पहले ही पीने के पानी की 4 इंच की लाइन लगा चुका है तो 10 इंच की लाइन अब क्यों नहीं लगाई जा रही है. एक बार फिर से सड़कें खोदी जा रही हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि व अधिकारी योजनाओं के नाम पर पैसा बर्बाद कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि सड़क खोदी जाने के कारण मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो रहा है. वहीं ठेकेदार की लापरवाही भी साफ नजर आ रही है। पेयजल लाइन बिछाने के साथ ही सड़क निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है.

उत्तराखंड जल निगम के सहायक अभियंता मान सिंह रावत का कहना है कि मसूरी बार्लोगंज बाला हिसार में सक्रिय सड़क होने के कारण 4 इंच और 10 इंच की लाइन एक साथ लगाना संभव नहीं था. उन्होंने कहा कि पेयजल वितरण के लिए 10 इंच की लाइन डाली जा रही है, जिससे लोगों के घरों में छोटी-छोटी लाइनों को जोड़कर पानी की आपूर्ति की जा सके.

उन्होंने बताया कि मसूरी में पीने के पानी की समस्या मसूरी बार्लोगंज क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है. इसे देखते हुए वहां 10 इंच की लाइन लगाई जा रही है। यह योजना मसूरी क्षेत्र के लिए है। कई लोग पेयजल योजना को देहरादून राजपुर डीआईटी तक ले जाने का भ्रम फैला रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है। मसूरी यमुना पेयजल योजना के तहत पेयजल की आपूर्ति मसूरी क्षेत्र में ही की जाएगी।