देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, जिसके लिए कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. प्रदेश में नए बदलाव के साथ कांग्रेस विरोधियों का सामना करने को तैयार है। वहीं नरम हिंदुत्व का रास्ता अपनाने का संकेत देने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर बीजेपी के निशाने पर आ गए हैं. बीते दिन देहरादून में हुई रैली के दौरान राहुल गांधी ने रुद्राक्ष की माला नहीं पहनी थी, जिसके बाद बीजेपी हमलावर हो गई है. वहीं, राहुल गांधी के रुद्राक्ष की माला न पहनने पर बीजेपी को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है.

गौरतलब है कि राहुल गांधी द्वारा रुद्राक्ष की माला न पहनने के बाद से राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेता और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने रैली का एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि जो लोग जालीदार टोपी से प्यार करते हैं, उन्हें रुद्राक्ष की माला से इनकार : संबित पात्रा ने परोक्ष रूप से राहुल गांधी पर हमला बोला है, वीडियो में दिख रहा है कि कार्यक्रम के दौरान एक कार्यकर्ता राहुल गांधी को रुद्राक्ष की माला पहनाने की कोशिश करता है, लेकिन राहुल गांधी हाथ से इशारा करके रोक देते हैं. संबित पात्रा के ट्वीट से साफ है कि बीजेपी इस मुद्दे को भुनाना चाहती है. वहीं इस बार राहुल गांधी ने अपने प्रचार के तौर-तरीकों में काफी बदलाव किए, जिसके बाद से बीजेपी खेमे में बेचैनी बढ़ गई है. प्रदेश में कांग्रेस हिंदू कार्ड खेलकर बीजेपी का गणित बिगाड़ने के मूड में है. जिससे भाजपा का खेमा मंथन करने को मजबूर हो जाएगा।

बता दें कि 16 दिसंबर को विजय दिवस के मौके पर कांग्रेस ने राहुल गांधी को सैन्य सम्मान कार्यक्रम में उतारा था. कार्यक्रम में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे. कांग्रेस ने यह रैली बांग्लादेश के निर्माण के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक जीत की 50 वीं वर्षगांठ पर आयोजित की, जिसमें पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों के परिवारों को प्रियदर्शिनी सैन्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रैली को संबोधित करने से पहले कांग्रेस मंच पर उतरी। 1971 के युद्ध में उपस्थित वीर सपूतों को शॉल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि उनका और उत्तराखंड में त्याग का रिश्ता है, मेरे पिता और दादी ने इस देश के लिए अपना खून दिया और इसी तरह उत्तराखंड के हजारों परिवारों ने देश के लिए बलिदान दिया है. इस दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सैनिकों तक पहुंचने की पूरी कोशिश की. आपको बता दें कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले राहुल का यह पहला दौरा था।