देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या हर दिन एक नया रिकॉर्ड बना रही है. वहीं, राज्य में आज ओमीक्रोन वेरिएंट के 85 नए मामले सामने आए हैं। इससे सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। वहीं, एक साथ 85 नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच एक नई खबर ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है. दरअसल, नए आंकड़ों में बड़ी संख्या में ओमीक्रोन के मरीज सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए मरीजों के जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजे गए थे. कुल 2255 सैंपल में से अब तक 159 मरीजों की रिपोर्ट मिल चुकी है, जिसमें 85 मरीजों में ओमीक्रोन वैरिएंट पाया गया है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक करीब 54 फीसदी मरीजों की रिपोर्ट में ओमीक्रोन की पुष्टि हो रही है. इस खबर के सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक होने की सलाह दे रहा है. इसके साथ ही विभाग ओमीक्रोन के बढ़ते प्रसार को लेकर भी चिंता व्यक्त कर रहा है। ऐसे में लोगों से सावधानी बरतने को कहा जा रहा है.

वहीं उत्तराखंड में 15 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण अभियान जोर पकड़ता जा रहा है. उत्तराखंड में भी यह अभियान 3 जनवरी से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुरू किया गया था। यदि किशोरों का टीकाकरण इस गति से चलता है, तो फरवरी के पहले सप्ताह तक सभी बच्चों को पहली खुराक मिल जाएगी। 15 जनवरी तक देहरादून जिले के 50 प्रतिशत से अधिक बच्चों को पहली खुराक मिल चुकी है।

सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि दूसरी खुराक करीब 97 फीसदी तक पहुंच गई थी, लेकिन अब हमारे पास नया लक्ष्य है. देहरादून में बाहरी राज्यों से मजदूर काम करने आते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने देखा कि प्रतिदिन दो हजार टीके लगवाए जा रहे थे, जिसमें हमने उन स्थानों का सर्वेक्षण किया जहां खनन सबसे अधिक है, जैसे मालदेवता और प्रेम नगर स्थल, जहां बाहरी राज्यों के श्रमिक सबसे अधिक आते हैं, वहां वैक्सीन सबसे ज्यादा लगी थी ।

स्वास्थ्य विभाग को जनसंख्या के हिसाब से 14 लाख 28 हजार का लक्ष्य मिला था, जिसमें यह पहली खुराक जुड़ती रही। हमारी दूसरी खुराक का प्रतिशत कम होता रहा, इसलिए दूसरी खुराक अब केवल 84 प्रतिशत है। देहरादून के सीएमओ डॉ मनोज उप्रेती ने कहा कि युवाओं में वैक्सीन लगाने को लेकर काफी उत्साह है। पिछले कुछ दिनों से स्कूल बंद है, जिससे टीकाकरण की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई है। लेकिन अब तक जिले में करीब 56 फीसदी बच्चों को पहली खुराक दी जा चुकी है. साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ दूरदराज के इलाके ऐसे भी हैं जहां भारी बर्फबारी के कारण बच्चे का टीकाकरण नहीं करा पा रहे हैं.