मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM
उत्तराखंड में सोमवार को विधानसभा चुनाव 2022 Assembly Election” के चुनाव संपन्न हो गये है. चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर हुए चुनाव में शाम 5 बजे तक 59.37 फीसदी वोटिंग हो चुकी है. चुनाव के बाद 632 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई है. वहीं, देहरादून जिले की 10 विधानसभा सीटों पर 117 उम्मीदवारों का भविष्य आज ईवीएम में कैद होगा. देहरादून जिले में शाम सात बजे तक 62.24 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.
कई मतदाता बिना वोट डाले लौटे
बीएलओ “बूथ लेवल ऑफिसर” की लापरवाही और लोगों में जागरूकता की कमी के कारण बड़ी संख्या में वोट डालने आए मतदाताओं को बिना वोट डाले ही वापस जाना पड़ा. दरअसल, मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ की तैनाती की गई थी, ताकि जिस किसी का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वह अपना नाम सूची में शामिल करवा सके, या फिर कोई गलती हो तो हो सकती है. सुधारा गया। लेकिन बीएलओ की लापरवाही के चलते कई मतदाता वोट डालने से वंचित रह गए. मतदाता मतदान केंद्र पहुंचे लेकिन मतदाता पहचान पत्र होने के बाद भी उन्हें सूची में अपना नाम नहीं मिला। कई ऐसे मतदाता थे जिनके नाम और माता-पिता के नाम गलत थे, वे भी मतदान से वंचित रहे।
मसूरी विधानसभा में कई जगहों पर वोटर लिस्ट में परिवार के सदस्यों का नाम नहीं होने के कारण मतदाताओं को बिना वोट डाले वापस लौटना पड़ा. कई ऐसे लोग भी देखे गए जो अपने परिवार के साथ देहरादून से मसूरी में वोट डालने आए थे, लेकिन उन्हें वोट नहीं दिया गया क्योंकि उनका नाम लिस्ट में नहीं था. जबकि उनके पास वोटर आईडी कार्ड था। इतना ही नहीं कई गलतियों के कारण मतदाता सूची में नाम आने के बाद भी लोग वोट नहीं दे सके. कई सूचियां ऐसी थीं जिनमें कुछ परिवार के सदस्यों के नाम एक बूथ पर थे और कुछ पांच से छह किमी दूर थे। लाइब्रेरी बूथ पर कुछ मतदाताओं के अपने परिवार के वोट थे, लेकिन अधिकांश सात किलोमीटर दूर बांसाघाट की सूची में थे, जहां जाना संभव नहीं था. ऐसे में ज्यादातर मतदाता वोट नहीं डाल सके.
मतदान को लेकर मतदाताओं ने दिखाया उत्साह
पर्यटन नगरी मसूरी में कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह से ही लोगों में मतदान को लेकर उत्साह बना हुआ है। हालांकि कई मतदान केंद्रों पर लोग आसानी से मतदान करते दिखे तो कई जगहों पर कतारें देखी गईं. मतदाताओं में उत्साह इस बात से जाहिर होता है कि बुजुर्ग मतदाताओं से लेकर व्हील चेयर तक के मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बूथों पर आते देखे गए. मसूरी में सुबह आठ बजे वोटिंग शुरू हुई, लेकिन सुबह भीषण सर्दी के कारण अधिकांश बूथों पर वोटर कम संख्या में आए, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया और सूरज निकलता रहा, मतदाता अपने घरों से बाहर निकलते रहे. और अपने-अपने बूथों पर मतदान करने गए।
मतदान केंद्रों पर कोविड नियमों का पूरी तरह पालन किया गया
प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर मतदान के लिए व्यापक बंदोबस्त किए गए थे. जहां मतदाताओं के लिए कोविड नियमों का पूरी तरह पालन किया गया और प्रत्येक बूथ पर मास्क, टेंपरेचर मशीन, गल्ब्स व सेनेटाइजर की व्यवस्था भी की गई. मतदान केंद्र पर मतदान करने वाले सभी लोगों का तापमान लिया जा रहा था और जिनके पास मास्क नहीं था, उन्हें सैनिटाइज कर मास्क दिया जा रहा है. वहीं सोशल डिस्टेंस का भी पूरी तरह पालन किया गया और मतदान केंद्र पर तैनात सुरक्षा बल के जवान मतदाताओं को दो गज की दूरी पर खड़ा करने की कोशिश करते रहे, जिसका पालन भी हुआ.

