जौनसार, PAHAAD NEWS TEAM
जौनसार के च्यामा निवासी लीला चौहान कृषि के क्षेत्र में नई तकनीक का प्रयोग कर देश को अन्न उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान देंगी. जौनसार की इस बेटी का चयन कृषि अभियांत्रिकी हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी सब्जेक्ट मैटर स्पेशिलिस्ट के पद पर हुआ है. पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
च्यामा निवासी सूरत सिंह और नको देवी की पुत्री लीला एक ग्रामीण किसान परिवार में पली-बढ़ी है । उन्होंने बचपन से ही गांव की खेती में आने वाली समस्याओं को देखा है। कृषि से आर्थिक संसाधन जुटाने के लिए अपने माता-पिता के संघर्ष को देखकर उनके मन में बचपन से ही कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी विचार आने लगे। इसे साकार करने के लिए, उन्होंने कृषि को अपना करियर बनाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से प्राप्त करने के बाद नवोदय विद्यालय से 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण की। जिसके बाद उन्होंने पंतनगर कृषि विश्व विद्यालय में कृषि इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। इसके लिए उनके परिवार को अपनी पुश्तैनी जमीन बेचने के साथ-साथ बैंक से कर्ज भी लेना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपने हौसले की उड़ान जारी रखी और कृषि इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने स्कॉलरशिप के साथ आईआईटी खड़गपुर से एमटेक की डिग्री ली। उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप के माध्यम से पीएचडी करते समय। इस दौरान उन्हें उत्तराखंड काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की ओर से यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड दिया गया। अब उनका चयन राजेंद्र कृषि केन्द्रीय विश्वविद्यालय समस्तीपुर में कृषि अभियांत्रिकी हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी सब्जेक्ट मैटर स्पेशिलिस्ट के पद पर हुआ है। लीला के अनुसार, इस पद पर रहते हुए अब देश भर के छोटे और मध्यम जोत वाले किसानों की कृषि को नई तकनीक से जोड़कर देश को खाद्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। . . जौनसार की बेटी के इस पद पर चयन के बाद नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, विकासनगर विधायक मुन्ना चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल, चमन सिंह समेत तमाम जनप्रतिनिधियों ने इसे जौनसार बावर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है.

