मसूरी, PAHAAD NEWS TEAM
सीजन की शुरुआत के साथ ही जाम की समस्या एक बार फिर सामने आ गई, जिससे पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हुई. बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने के कारण जगह जगह जाम हो गया और पर्यटकों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।
होली के साथ वीकेंड पड़ने से मसूरी बड़ी संख्या में सैलानियों के आने से खचाखच भर गया और सीजन की तरह मॉल रोड पर रौनक लौट आयी । भीड़ बढ़ने से पर्यटकों को देर रात तक होटलों में कमरों के लिए भटकना पड़ा और कई लोगों को कमरे नहीं मिलने के कारण वापस लौटना पड़ा। भीड़ को देखते हुए होटल व्यवसायियों ने कमरों के रेट भी बढ़ा दिए।
होली के मौके पर पहले ही बड़ी संख्या में होटल बुक हो चुके थे और करीब 70 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी थी लेकिन बिना बुकिंग के बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से मसूरी खचाखच भर गया। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। देर रात तक पर्यटक होटलों के चक्कर लगाते रहे और अधिकांश होटल खचाखच भरे होने के कारण पर्यटकों को वापस लौटना पड़ा। होली के मौसम में पहली बार मसूरी खचाखच भरा हुआ है। पर्यटकों की संख्या में अचानक हुई वृद्धि को देखते हुए होटल व्यवसायियों ने भी कमरों की दरें बढ़ा दीं, जिससे जिन होटलों में कमरे छूटे थे, उन्होंने मनमाना दाम लिया। और कई पर्यटकों को कमरे की कमी के कारण वापस लौटना पड़ा। पर्यटन नगरी में होली के साथ वीक एंड होने पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई जिस कारण पर्यटक स्थलों सहित मालरोड पर रौनक लौट आयी व व्यवसायियों के चेहरे खिल गये । मसूरी होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम कुमार गोयल का कहना है कि होली के साथ वीक एंड आने व स्कूलों की छुटिटयां पड़ने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी आये है जो कि सीजन के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि इस सीजन में खचाखच भरे होटलों की वजह से पर्यटन कारोबार में तेजी आई है और उम्मीद है कि इस साल सीजन अच्छा रहेगा.
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि इस होली के मौसम में मसूरी पैक रही व दो दिनों तक शत प्रतिशत होटल पैक हैं, जो पर्यटन शहर मसूरी के लिए अच्छा है। उन्होंने कहा कि करीब 80 प्रतिशत होटलों की पहले ही बुकिंग हो चुकी थी और बाकी बिना बुकिंग वालों के आने से पैक हो गए थे। जिसका फायदा कारोबारियों को होगा।
वीकेंड और होली की छुट्टी होने के कारण पर्यटन नगरी मसूरी में बड़ी संख्या में सैलानी आने के कारण पूरे शहर में जाम की स्थिति बनी रही। लंढौर क्षेत्र में मलिंगार से गुरूद्वारा चौक, घंटाघर, शहीद भगत सिंह चौक, मालरोड, लाइब्रेरी, मोतीलाल नेहरू मार्ग, लाइब्रेरी किंक्रेग मार्ग, कैम्पटी मार्ग आदि तक जाम के कारण पर्यटक घंटों जाम में फंसने को मजबूर रहे. जिससे सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं जाम खोलने में पुलिस के पसीने छूट गए. जाम के कारण स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और एक बार फिर मसूरी में पार्किंग न होने की समस्या सामने आ गई. हालांकि किंक्रेग पर मल्टी लेबल पार्किग बनाई गई है, लेकिन अब तक लोक निर्माण विभाग और पर्यटन विभाग ने पार्किंग के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं किया है, जिसके कारण दो महीने के निर्माण के बाद भी पार्किंग खाली पड़ी है और लोग संघर्ष करने को मजबूर हैं । इस संबंध में होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राम कुमार गोयल ने कहा कि जब तक मसूरी में पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं होगा, लोगों को इसी तरह से भुगतना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग इस पर गंभीरता से विचार करे और मसूरी-देहरादून मार्ग को थोड़ा और चौड़ा किया जाए और बीच में डिवाइडर लगाए जाएं ताकि पर्यटक आराम से आ सकें. उन्होंने कहा कि दिल्ली से देहरादून तक सड़क को फोर लेन करने से पर्यटकों को काफी सुविधा हुई है और अब लोग दिल्ली से देहरादून बहुत कम समय में पहुंच जाते हैं लेकिन देहरादून से मसूरी पहुंचने में उन्हें कई घंटे लग जाते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि पार्किंग बनने के बाद भी इसका उपयोग नहीं होने से जाम रहता है. पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। क्योंकि अभी मुख्य सीजन आना बाकी है, अगर तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो समस्या और बढ़ जाएगी।

