मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM

मसूरी में कोलूखेत ईको टैक्स के टेंडर मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. हाईकोर्ट ने मसूरी नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी को 27 अप्रैल को मामले में टेंडर के रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. मामले की सुनवाई जस्टिस शरद कुमार शर्मा की सिंगल बेंच में हुई।

दरअसल मसूरी में कोलूखेत ईको टैक्स के टेंडर में हुए घोटाले को लेकर चौधरी ट्रेडर्स ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. जिसे नैनीताल हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। चौधरी ट्रेडर्स ने याचिका में कहा कि मसूरी नगर पालिका द्वारा कोलू खेत में ईको टैक्स वसूला जाता है। वर्ष 2018 में यह ठेका पुराने ठेकेदार नवीन अग्रवाल को मात्र 2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ आवंटित किया गया था। इसका टेंडर या तो जारी नहीं किया जा रहा है या इसे रद्द किया जा रहा है.

याचिका में कहा गया है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. क्योंकि इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस संबंध में नगर पालिका की ओर से डीएम और सरकार को ज्ञापन दिया गया, लेकिन किसी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. वहीं, सरकार, सचिव शहरी विकास, मसूरी नगर परिषद, निदेशक शहरी विकास को भी याचिका में पक्षकार बनाया गया है.