मसूरी, पहाड़ न्यूज़ टीम
मसूरी की विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर गुरुद्वारा चौक से गांधी चौक तक रैली निकाली. गांधी चौक पहुंचकर रैली सभा में बदल गई। सभा को संबोधित करते हुए मजदूर नेताओं ने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
संयुक्त मई दिवस समारोह समिति के तत्वावधान में होटल वर्कर्स यूनियन, होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ, होटल गाईड यूनियन, मजदूर संघ, स्कूल कर्मचारी संगठन, दुकान कर्मचारी संगठन, भवन निर्माण संघ, आशा कार्यकत्रियों के संगठन, सहित अन्य श्रमिक संगठनो ने गुरूद्वारा चौक से लंढौर बाजार, घंटाघर, शहीद भगत सिहं चौक, कुलडी बाजार, इंद्रमणि बडोनी चौक, शहीद स्थल, मालरोड होते हुए गांधी चौक तक रैली निकाली । रैली में कार्यकर्ता मई दिवस के शहीदों को ‘लाल सलाम’, ‘मजदूर एकता जिंदाबाद’, ‘महंगाई पर हला बोल’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ आदि के नारे लगाते रहे. इस दौरान ट्रेड यूनियनों ने सरकार से अपील की. श्रमिक विरोधी नीतियों पर रोक लगाने और श्रमिकों की मांगो पर अम्ल करने को लेकर हुंकार भरी ।
बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिकागों में आठ घंटे के कार्य आंदोलन में मजदूरों पर गोलियां चलाई गईं, जिसके तहत ट्रेड यूनियनों ने 1 मई को पूरी दुनिया में रैलियां निकालीं. वक्ताओं ने कहा कि आज देश प्रदेश में श्रमिक विरोदी सरकार है, जो कि लगातार श्रम विरोधी नीतिया अपना रही है। मजदूर वर्ग लंबे समय से न्यूनतम मजदूरी के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान देने की बजाय लगातार मजदूर विरोधी नीतियां अपना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे देश में श्रम हितों के 26 कानूनों को खत्म कर चार कानून बनाए, जिससे पूरे देश के मजदूरों का शोषण हो रहा है और मजदूर वर्ग आंदोलन करने को मजबूर है. इसके साथ ही सरकार ने सभी सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को ठेके बेचे या दिए हैं, जिससे श्रमिक हित प्रभावित हो रहे हैं।
इस मौके पर एटक अध्यक्ष आरपी बडोनी, होटल एवं रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सोबन पंवार, मजूदर संघ के अध्यक्ष रणजीत चौहान, भाकपा सचिव देवी गोदियाल, मजदूर संघ के पूर्व मंत्री गंभीर पंवार, होटल एवं रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ के महासचिव विक्रम बलूडी, पूरण सिंह, असलम खान, बिल्लू बाल्मीकि, संजय टम्टा ,सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

