हल्द्वानी , PAHAAD NEWS TEAM
उत्तराखंड सरकार राज्य में दुग्ध क्रांति के लिए कई योजनाएं चला रही है. वहीं, उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन से जुड़े राज्य के दुग्ध उत्पादकों को पिछले एक साल से सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है. ऐसे में दुग्ध व्यवसाय से जुड़े उत्पादकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है.
बताया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए राज्य के लगभग 52 हजार दुग्ध उत्पादकों को उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन यानी आंचल डेयरी से ₹4 प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है, जो लगभग ₹25 करोड़ की बकाया राशि है. निदेशक उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन जयदीप अरोड़ा ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों को 4 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि देने की कवायद जारी है. वित्तीय वर्ष 2021-22 का लगभग ₹25 करोड़ बकाया है। जिसके लिए सरकार से बजट की मांग की गई है, बजट मिलते ही दुग्ध उत्पादकों का उनकी प्रोत्साहन राशि बकाया भुगतान कर दिया जाएगा .
इसके अलावा आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए सरकार से 26 करोड़ के बजट की भी मांग की गई है। जिससे दुग्ध उत्पादकों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर किया जा सके। उन्होंने बताया कि एससी, एसटी दुग्ध उत्पादकों को वित्तीय वर्ष 2021-22 तक भुगतान किया गया है। लेकिन सामान्य श्रेणी के दुग्ध उत्पादकों का भुगतान बकाया है। प्रदेश में करीब 52,000 दूध उत्पादक हैं, जो रोजाना करीब दो लाख लीटर दूध आंचल डेयरी को देते हैं। ऐसे में एक साल से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है.

