मसूरी, पहाड़ न्यूज़ टीम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की प्रशिक्षण कक्षा का आयोजन महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों ने माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्पाचन एवं माँ शारदा की स्तुति के साथ शुरू हुई है ।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक मदन मोहन शर्मा, प्राचार्य मनोज रयाल, सरस्वती विद्या मन्दिर कैम्पटी टिहरी गढवाल के प्रधानाचार्य रविन्द्र रावत एवं सरस्वती शिशु विद्या मंदिर चकराता से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य विशन सिंह चौहान व सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर मसूरी व कैम्पटी के शिक्षक उपस्थित थे ।

प्रशिक्षण कक्षा की शुरूआत करते हुए विद्यालय के प्राचार्य मनोज रयाल ने प्रशिक्षक एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य वर्तमान परिवेश परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करना तथा विद्यालयों में नई शिक्षा नीति 2020 लागू करना है। उन्होंने कहा कि हमें प्रशिक्षण की नितांत आवश्यकता है, ताकि बदलते परिवेश के अनुसार हम छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षण में गुणात्मक सुधार कर सकें और अपने शिक्षण कौशल का उत्तरोत्तर विकास कर सकें और किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। स्कूल के प्रबंधक मदन मोहन शर्मा ने भी नई शिक्षा नीति के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में मातृभाषा, क्षेत्रीय भाषा और राष्ट्रभाषा सभी को महत्व दिया गया है. इसमें नैतिकता की शिक्षा, देश का विकास, संवैधानिक मूल्यों की भी शिक्षा दी जाएगी। इस अवसर पर महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर परिसर के आचार्य राकेश भट्ट, दीपक बलोनी, सविता कण्डारी और आचार्य नीलम विजलवन और अरविंद सिंह ने नई शिक्षा नीति के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विस्तार से कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र कर्णवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान संदर्भ में हमें अपने शिक्षण कौशल को बढ़ाने की जरूरत है ताकि प्रौद्योगिकी के इस युग में हम अपने छात्रों का सर्वांगीण विकास कर सकें. . एवं अंत में नई शिक्षा नीति-2020 की कसौटी पर खरा उतरने के लिए कल्याण मंत्र के साथ प्रशिक्षण शिविर का समापन किया गया।