खबर उत्तराखंड के जनपद टिहरी गढ़वाल से है जहाँ जौनपुर ब्लॉक स्थित भुयाँसारी नामक गाँव में उत्तरजन समूह के सदस्यों की मौजूदगी में विमल नौटियाल ने वृक्षारोपण के कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। बताते चलें कि विमल नौटियाल विगत कुछ समय से पलायन और आजीविका पर काम करने का मन बना रहे थे।
जानकारी के मुताबिक वे खुद भी कई नामी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में हैड शेफ़ के रूप में कार्य कर चुके हैं वहीँ अपने गाँव तथा क्षेत्र का लगाव उन्हें वापस लौटा लाया कोरोना काल में वो अपने गाँव लौटे और इस समय का सदुपयोग करने के लिए खेती समेत बागवानी और नगदी फसलों के माध्यम से बंजर जमीन को पुनर्जीवित करने का फैसला किया पलायन सदैव ही उत्तराखंड का एक प्रमुख चिंतन और विषय रहा है। वहीँ इस पहल को मुकाम तक पहुंचने के लिए गाँव में आयोजित बैठक में समस्त ग्रामीणों ने भी हिस्सा लिया और नगदी फसलों के साथ ही खेती करने के नए तरीकों को लेकर भी सवाल उठाए। वहीँ इस दौरान लोकेश नवानी ने अधिक जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तरजन पहाड़ के नाम पर बनी सभी सामाजिक संस्थाओं और प्रवासी समूहों से भी यह अपील करता है कि वे किसी न किसी गाँव को फलदार पौधे लगाने के लिए गोद लें और इस माध्यम से गाँवों को उत्पादकता के नए आयामों और विकल्पों जोड़ने की मुहिम का हिस्सा बनें।
बंजर जमीन में जान फूंकने का प्रयास कर रहे ‘विमल’, कृषि और वृक्षों के जरिए की ‘विकास की पहल’

