मसूरी , पहाड़ न्यूज टीम

दूसरे दिन एसडीएम के नेतृत्व में सरकारी संपत्तियों पर हुए करीब 126 अतिक्रमणों पर कार्रवाई के बाद नगर पालिका परिषद ने नगर पालिका की जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए सेल टैक्स कार्यालय के समीप, मैसानिक लाॅज बस स्टैण्ड व हुसैनगंज में तीन अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए हैं । एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने भी मौके पर हटाए गए सभी अतिक्रमणों का निरीक्षण किया. इस दौरान अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत किंक्रेग पर सील की गई दुकान की सील गत दिवस तोड़ी गई, जिसे एसडीएम के निर्देश पर दोबारा सील कर दिया गया है.

सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण के लिए जिला प्रशासन और नगर पालिका अब किसी को बख्शने के मूड में नहीं है। इसे देखते हुए नगर परिषद कार्यालय अधीक्षक महावीर सिंह राणा के नेतृत्व में नगर पालिका की टीम ने अलग-अलग जगहों पर तीन अतिक्रमणों को बुलडोजर फेरकर ध्वस्त कर दिया. इस संबंध में महावीर राणा ने बताया कि नगर पालिका की टीम ने पहले मैसानिक लाॅज बस स्टैण्ड पर अतिक्रमण हटाया और उसके बाद रात में किसी ने हुसैनगंज में खोखा लगा दिया, उसे भी जेसीबी से हटा लिया गया है. इसके बाद सेल टैक्स कार्यालय के पास एक अवैध खोखा को हटाया गया है. एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने नगर पालिका टीम द्वारा हटाए गए अतिक्रमणों का निरीक्षण किया. इसके साथ ही जहां से अतिक्रमण हटाया गया, उन्होंने उन जगहों का भी निरीक्षण किया जहां यह देखा गया कि दोबारा किसी ने अतिक्रमण नहीं किया है. हालांकि किंक्रेग पर एक दुकान को सील कर दिया गया, जिसकी सील तोड़ी गई, जिसे एसडीएम ने दुकान की सील दुबारा करवा दिया . एसडीएम ने अतिक्रमणकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी हटाए गए अतिक्रमण स्थल पर दोबारा अतिक्रमण करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि शहर में अन्य अतिक्रमणों की पहचान के लिए कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही एक बार फिर से बुलडोजर शुरू किया जाएगा.

उधर, नगर अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने अतिक्रमण को लेकर नगर पालिका का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि नगर पालिका की संपत्ति पर अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नगर पालिका ने सड़कों पर लगे अवैध खोखे को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसके तहत नगर पालिका ने आज अलग-अलग जगहों से तीन अतिक्रमण हटा दिए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि वर्षों से जो लोग सड़कों के किनारे अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं, ऐसे लोगों की भी पहचान की जा रही है और उनके लिए जगह का चयन कर उन्हें एक छत के नीचे लाया जाएगा, जिसके लिए नगर पालिका टेंडर आमंत्रित कर रही है। है। अन्य सभी अतिक्रमण हटा दिए जाएंगे। नगर अध्यक्ष ने कहा है कि अतिक्रमण से मसूरी की छवि खराब हो रही है. ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां से अतिक्रमणकारियों ने छोड़ा हो। यह स्थिति मसूरी के लिए नासूर बनती जा रही है, जिसे रोकना बेहद जरूरी हो गया है। इसके तहत आने वाले दिनों में नगर पालिका द्वारा नगर पालिका की संपत्तियों पर अवैध कब्जा के खिलाफ प्रशासन के सहयोग से बड़ा अभियान चलाया जाएगा, जिसकी सूची तैयार की जा रही है.

प्रशासन की कार्यवाही से आम लोग खुश, मिल रही सराहना

प्रशासन और नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से आम जनता खुश नजर आ रही है. लोगों के बीच अतिक्रमण के खिलाफ डिप्टी कलेक्टर नरेशचंद्र दुर्गापाल द्वारा की जा रही कार्रवाई की काफी तारीफ हो रही है. लोगों को उम्मीद है कि अतिक्रमण हटाने का काम आगे भी जारी रहेगा और प्रशासन और नगर पालिका का पीला पंजा इसी तरह से अतिक्रमण को रौंदकर मसूरी की छवि खराब करने वाले चौतरफा अतिक्रमण के खिलाफ आगे बढ़ेगा.

अतिक्रमण के खिलाफ जारी रहेगा अभियान, अतिक्रमणकारियों के हौसले पस्त होंगे, किसी के साथ भेदभाव न हो

आपको बता दें कि पूर्व में प्रशासन ने माल रोड सहित बाहरी क्षेत्र में हुए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर कई दर्जन अतिक्रमणों को ध्वस्त किया था, लेकिन अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पिछले दो साल में दुगनी गति से अतिक्रमण बढ़ गया है । यह शहर के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार ज्यादातर लोग इस शहर के जनप्रतिनिधि हैं जो इस शहर के हितों के लिए घड़ियाली आंसू बहाते नहीं थकते और दूसरी तरफ अतिक्रमणकारियों के बचाव में खड़े होने से भी नहीं हिचकिचाते. इसी तरह मसूरी शहर को गर्त में धकेलने के लिए जनप्रतिनिधि काम कर रहे हैं. अगर नगर पालिका या प्रशासन कार्रवाई करता है तो यही लोग अमीर और गरीबी का हवाला देकर अपनी राजनीतिक रोटी बचाने के लिए नगर पालिका या प्रशासन को सच बताने से नहीं हिचकिचाते। सही मायने में यही लोग इस शहर की खूबसूरती को कलंकित करने के लिए जिम्मेदार हैं। उनके नकली चेहरों को भी बेनकाब करने की जरूरत है। यह तभी होगा जब प्रशासन व नगर पालिका अतिक्रमण के खिलाफ इस अभियान को सख्ती से जारी रखेगी। यह अभियान पहले की तरह माल रोड पर दोहराया जाए। केवल छोटे और गरीब लोगों पर कार्रवाई करके ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। जो दुकानें माल रोड पर बाहर हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाए ताकि प्रशासन पर लोगों का भरोसा बना रहे. इसके साथ ही प्रशासन द्वारा शहर में संचालित की जा रही स्कूटी बाइकों की संख्या का भी आरटीओ से संयुक्त रूप से सत्यापन कराया जाए. क्योंकि सड़कों पर जो भी टैक्सी नंबर की स्कूटी या बाइक चल रही है, वह शहर की सड़कों को भी तंग कर रही है. अधिकांश टैक्सी नंबरों के स्कूटर व बाइक नियमों के विरुद्ध संचालित किए जा रहे हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है वरना टैक्सी स्कूटी जिस रफ्तार से सड़कों पर पैर जमा रही है, वह आने वाले दिनों में शहर के लिए भी नासूर बन जाएगी .