मसूरी, पहाड़ न्यूज टीम

पहाड़ों की रानी मसूरी में मूसलाधार बारिश के बाद भी लंढौर क्षेत्र की जनता के हलक सूख रहे है. हालांकि मसूरी के लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. पानी की एक-एक बूंद के लिए स्थानीय लोगों को भटकना पड़ रहा है। वहीं कल रात से कोल्टी पंप की बिजली गुल होने से पानी पंप नहीं किया जा सका, वहीं जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि कोल्टी का जलस्रोत सूख रहा है और पानी बहुत कम हो गया है. ऐसे में लंढौर क्षेत्र के लोगों के सामने पानी को लेकर कड़ी चुनौती आने वाली है.

लंढौर क्षेत्र के लोग पूरे जून और जुलाई में पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। घरों में पानी की बूंदे आने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर मंलिंगार, गणेश होटल, लक्ष्मण पुरी, व लंढौर बाजार में पानी की भारी किल्लत है. पानी खोलने पर भी करीब 15 से 20 मिनट तक पानी बिना दबाव के आता है, जिससे लोगों की पूर्ति नहीं हो पा रही हैं। वहीं कल रात से कोल्टी पंप की बिजली गुल होने के कारण पंप नहीं चल पाया जिससे पानी नहीं आ सका. इस संबंध में जल संस्थान की कार्यपालक अभियंता लक्ष्मी रमोला का कहना है कि कोल्टी पंप की बिजली खराब होने से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है. जिस पर बिजली विभाग को सूचना देकर कर्मचारी बिजली ठीक करने चले गए हैं और शाम तक पंप चल जाएगा. उधर, सहायक अभियंता अभय भंडारी का कहना है कि कोल्टी पंप में पानी का स्रोत सूख रहा है, जिससे पानी की किल्लत हो रही है. वहीं इस बार बारिश भी कम हो रही है, अगर हो भी रही है तो तेज बारिश हो रही है, जिससे बारिश का पानी सीधे बह रहा है और जमीन में नहीं समा पा रहा है. लेकिन सवाल यह उठता है कि जब विभाग सीजन में पर्याप्त मात्रा में पानी के भंडारण की बात करता है और कहता है कि किसी भी आपात स्थिति में रिजर्व टैंकों से पानी की आपूर्ति की जाती है लेकिन जब लंढौर क्षेत्र में पानी नहीं है तो रिजर्व टैंकों से पानी की आपूर्ति की जाती है. पानी क्यों नहीं दिया जा रहा है? इसकी जानकारी मिलने के बाद पता चला कि जिस खलगी पंप से पानी डाला जाता है वह काफी समय से बंद पड़ा है. बारिश के मौसम में भी लोग प्यासे रहे तो आगे क्या होगा यह चिंताजनक है। इस पर विभाग समेत प्रशासन और सरकार को ठोस फैसले गंभीरता से लेने होंगे. वैसे तो आने वाले समय में पानी की कमी को दूर करने के लिए यमुना पेयजल योजना तैयार की जा रही है, लेकिन इसका लाभ लंढौर छावनी क्षेत्र को नहीं मिलेगा क्योंकि लंढौर छावनी क्षेत्र को इससे नहीं जोड़ा गया है. ऐसे में लंढौर क्षेत्र के लोगों को आने वाले समय में यमुना पेयजल योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा.