मसूरी , पहाड़ न्यूज टीम

इस समय एसडीएम मसूरी नरेश चंद्र दुर्गापाल फुल एक्शन में हैं। पहली बार सही मायने में किसी प्रशासनिक अधिकारी ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के आदेशों का सख्ती से संज्ञान लेते हुए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की पहल की है, जिसकी शहरवासियों द्वारा सराहना की जा रही है. एसडीएम की कार्रवाई से लगता है कि अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पहले की तरह सिर्फ खानापूर्ति नहीं है, बल्कि सख्ती के साथ कार्रवाई की जा रही है. एसडीएम का पूरा फोकस सड़क किनारे हुए अतिक्रमण पर है, जिसके लिए वह नगर पालिका की किरायेदारी रसीद देखने को भी तैयार नहीं हैं। इससे साफ है कि एसडीएम ने सड़क किनारे अतिक्रमण पर आखिरी कील ठोकने का फैसला किया है. दरअसल, मसूरी की सड़कें पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में आ गई हैं, जिससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ पैदल चलने वालों का भी चलना मुश्किल हो गया है.

सड़क किनारे अतिक्रमण को लेकर एसडीएम मसूरी की तीन कार्रवाई-पहली कार्रवाई

अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई, नगर पालिका किरायेदारी रसीद भी नहीं बचा पाई अतिक्रमण

एसडीएम के नेतृत्व में सड़क किनारे अतिक्रमण को लेकर शुरू की गई कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। जिसके तहत एसडीएम ने नगर पालिका व अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से लंढौर बाजार क्षेत्र में हुए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन अतिक्रमणों को तोड़ा, हालांकि बाकी अतिक्रमणकारियों ने कार्रवाई से पहले ही अपने अतिक्रमण हटा लिए थे. प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने अपर माल रोड, लंढौर रोड से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की और पहले महाराजा अग्रसेन पार्क पर एक मैकेनिक के अतिक्रमण को तोड़ा और फिर लंढौर बाजार में वर्षों पुराने अतिक्रमण को ध्वस्त कर चेतावनी दी कि कहीं भी अतिक्रमण फिर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि दोबारा अतिक्रमण होता है तो संबंधित विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस दौरान लंढौर बाजार में हवा घर, सड़क पर सब्जी बेचने वालों समेत अन्य दुकानों को हटाया गया, गुरुद्वारा चौक स्थित डांडी हाउस को भी तोड़ा गया, जहां पर अंग्रेजों के जमाने में डांडी से मजदूरों द्वारा अंग्रेजों को गंतव्य तक पहुंचाया जाता था। इस दौरान कई लोगों ने नगर पालिका की किरायेदारी की रसीद भी दिखाई लेकिन एसडीएम के सामने उनकी एक नही चली .

एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल ने कहा कि सड़क किनारे सरकारी संपत्ति से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, सड़क किनारे अतिक्रमण को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आउटर के बाद माल रोड व अन्य जगहों से भी अतिक्रमण हटाया जाएगा. उन्होंने बताया कि मसूरी की संकरी सड़कों के कारण यहां लगातार जाम की स्थिति रहती थी, जिसके लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि कुछ अतिक्रमणकारियों को अपनी दुकान लगाने के लिए कुछ समय दिया गया है. इस दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी यूडी तिवारी, पालिका कार्यालय अधीक्षक महावीर सिंह राणा, नायब तहसीलदार भौपाल सिंह चौहान, पालिका नगर अभियंता रमेश बिष्ट, कोतवाल गिरीश चंद्र शर्मा, एसएसआई गुमान सिंह नेगी सहित पुलिस बल व नगर पालिका के कर्मचारी मौजूद रहे.

दूसरी कार्रवाई
किराये की बाइक व स्कूटी को लेकर एक और बड़ी कार्रवाई, सड़क पर खड़ी मिली तो होगी जब्ती

किराए की बाइक व स्कूटी संचालकों को लेकर एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस खबर पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने नियम विरुद्ध चल रही रेंटल स्कूटी बाइको के सत्यापन को लेकर बैठक बुलाई, जिसमें एआरटीओ देहरादून, कोतवाल व रेंटल बाइक संचालक मौजूद रहे. उन्होंने एआरटीओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन बाइक सवारों के पास खुद का गैरेज नहीं है उनके लाइसेंस जल्द रद्द किए जाएं। वहीं कोतवाल को निर्देश दिया गया कि अगर फुटकर बाइक सड़क किनारे कहीं भी खड़ी है तो उनका चालान करने के साथ ही उनकी किराये की बाइक को भी जब्त कर लिया जाए.

कोतवाली में हुई बैठक में एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल ने कहा कि मसूरी में बड़ी संख्या में किराये की बाइक और स्कूटी के लाइसेंस लिए गए हैं, जिसमें छह सौ से ज्यादा बाइक चल रही हैं. लेकिन देखा गया है कि ये बाइकें सड़कों पर खड़ी हैं, कहीं से लाइसेंस ली हैं, कहीं से दौड़ रही हैं और मॉल रोड पर अफरा-तफरी मचा रही हैं. ऐसे में एआरटी को किराये के बाइक लाइसेंस धारकों के चयनित स्थानों का निरीक्षण करने के लिए बुलाया गया है और जिनके पास अपने कार्यालय और गैरेज नहीं हैं और मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं. उन्होंने कहा कि ऐसा देखने में आया है कि ज्यादातर किराये की बाइकें सड़कों पर खड़ी हैं. साथ ही उन बाइकों को चलाया जाएगा जहां से उनके लाइसेंस जारी किए गए हैं। वहीं, यह भी पता चला है कि कई प्राइवेट नंबर की बाइक भी चल रही हैं। माल रोड पर किराये की बाइक किसी भी कीमत पर नहीं चलने दी जाएगी।

मसूरी उत्‍तराखंड न्यूज़ : अतिक्रमण के खिलाफ एसडीएम मसूरी की तीन बड़ी कार्रवाई , सड़क किनारे अतिक्रमण पर सख्ती
मसूरी उत्‍तराखंड न्यूज़ : अतिक्रमण के खिलाफ एसडीएम मसूरी की तीन बड़ी कार्रवाई , सड़क किनारे अतिक्रमण पर सख्ती

देहरादून आरटीओ से आए परिवहन कर अधिकारी एमबी पपनोई ने बताया कि किराये की बाइक मानकों के अनुरूप नहीं चलने की शिकायतें मिल रही हैं. जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा रही है। अब ऐसा नहीं होगा जो लाइसेंस का मानक है, उसी आधार पर जहां से लाइसेंस लिया गया है वहां से चलेगा और सड़क से संचालित नहीं होने दिया जाएगा. जहां लाइसेंस लिया गया है, वह उनके गैरेज में खड़ा होगा और सड़क पर खड़ा नहीं होगा। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि लाइसेंसधारी अपने निर्धारित स्थान से वाहन चला रहे हैं या नहीं। इसकी जांच की जाएगी, वहीं सड़क पर चल रहे किराये की बाइक की सवारी से यह भी पूछा जाएगा कि बाइक सड़क से ली गई है या गैरेज से ली गई है। ऐसे लाइसेंस धारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं जब टैक्सी सड़क पर खड़ी है तो उन्होंने कहा कि इसकी भी जांच की जाएगी कि यह सड़क पर क्यों खड़ी है.

बैठक में रेंटल बाइक एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत कुमाई ने कहा कि वह प्रशासन के फैसलों का स्वागत करते हैं और अगर प्रशासन सड़कों से चलाई जा रही किराये की बाइक के खिलाफ कार्रवाई करता है तो वह इस मामले में समर्थन नहीं करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किराये की बाइक के लिए जिस तरह से नियम बनाए गए हैं, वे टैक्सी चालकों पर भी लागू हों. क्योंकि उनके लिए भी वही मानक है जो स्कूटर वालों के लिए है।

तीसरी कार्रवाई
होटलों में पार्किंग की सुविधा नहीं, सड़कों पर खड़े हैं वाहन, अब कैमल बेक रोड चलने लायक भी नहीं, इसलिए एसडीएम ने होटल व्यवसायियों को तलब किया

एसडीएम नरेशचंद्र दुर्गापाल ने कैमल्स बैक रोड और माल रोड के होटल मालिकों के साथ बैठक कर निर्देश दिया कि वे अपने होटल में आने वाले वाहनों को सड़क पर पार्क न करवाएं ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रहे. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी हालत में वाहनों को सड़क पर पार्क करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. अगर इसे नहीं माना गया तो नैनीताल वाला जीओ यहां लागू करने को मजबूर होना पडेगा.

उन्होंने कहा कि कैमल्स बैक रोड और माल रोड स्थित अधिकांश होटल मालिकों के होटलों में पार्किंग की सुविधा नहीं है। जिससे उनके वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं, जिससे अन्य वाहनों को आने जाने में काफी परेशानी होती है और जाम की स्थिति बन जाती है. उन्होंने साफ कहा कि होटल व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं और होटल में आने वाले पर्यटकों को पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि मसूरी में छह पार्किंग स्थल हैं, उनसे बात करें और अपने ग्राहकों के वाहन वहां पार्क करवाएं ताकि अन्य लोगों को कोई परेशानी न हो. उन्होंने होटल मालिकों को चेतावनी भी दी कि अगर उन्होंने व्यवस्था नहीं की तो नैनीताल वाला जीओ यहां लागू करने को बाध्य होना पडेगा । होटल मालिकों का कहना है कि कैमल्स बैक रोड पर लगे जाम के लिए इस इलाके के गेस्ट हाउस और धार्मिक संस्थान भी जिम्मेदार हैं, जिनके वाहन सड़क के किनारे खड़े रहते हैं. साथ ही कहा कि यदि पार्किंग वाले कम दरों पर पार्किंग की जगह उपलब्ध कराते हैं तो होटल में आने वाले मेहमानों के वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही पार्क किए जाएंगे. हालांकि, कैमल्स बैक के किसी भी होटल की अपनी पार्किंग नहीं है।

इस मौके पर कोतवाल गिरीश चंद्र शर्मा ने यह भी कहा कि पुलिस विभाग एकतरफा यातायात व्यवस्था बनाने का प्रयास करेगा और देखेगा कि व्यवस्था में सुधार हो रहा है या नहीं. ऐसा नहीं करने पर वाहनों के साथ होटल व्यवसायियों का भी चालान किया जाएगा। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने प्रशासन के निर्देशों का स्वागत किया है और कहा है कि जिन होटलों में पार्किंग नहीं है, वे शहर में बनी छह पार्किंगों में अपने स्तर पर पर्यटकों के वाहन पार्क करवाएं, उसके बाद किंक्रेग पार्किंग की व्यवस्था करें. उन्होंने यह भी कहा कि मसूरी में कई ऐसी जगहें हैं, जहां छोटी-छोटी पार्किंग बनाई जा सकती है, जगह हासिल कर वहां पार्किंग बनाई जा सकती है, जिससे समस्या का समाधान हो सके और पर्यटक यहां से अच्छा संदेश भी ले सकें.