मसूरी : राजस्थान में एक दलित छात्र की हत्या के विरोध में लंढौर गुरुद्वारा चौक से लाइब्रेरी और अंबेडकर चौक तक विरोध रैली निकाली गई, जिसमें भाजपा, कांग्रेस, आप समेत सभी राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. . इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने दलितों पर हो रहे अत्याचार और दलित छात्र की हत्या के दोषियों को सजा दिलाने की मांग की.

आक्रोश रैली संयुक्त दलित संगठन मोर्चा के नेतृत्व में लंढौर गुरुद्वारा चौक से भगत सिंह चौक, गांधी चौक होते हुए माल रोड तक गई, जहां से अंबेडकर चौक पहुंची. जहां रैली सभा में बदल गई। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसके तहत नायब तहसीलदार भोपाल सिंह चौहान भारी पुलिस बल के साथ रैली में शामिल थे. इस अवसर पर वक्ताओं ने राजस्थान में एक दलित छात्र की हत्या की कड़ी निंदा की और इस घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की.

इस मौके पर पूर्व नगर अध्यक्ष और कांग्रेस प्रदेश महासचिव मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि किसी न किसी सरकार के शासन काल में ऐसी घिनौनी घटनाएं होती रही हैं, इस घटना ने पूरी जनता को झकझोर कर रख दिया. इस घटना के दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।

इस मौके पर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष ओपी उनियाल ने कहा कि यह घटना राजस्थान की कांग्रेस सरकार में हुई है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है. उन्होंने मांग की कि इस घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

वहीं समाजसेवी मनीष गोनियाल ने कहा कि दलित समाज के साथ की जा रही राजनीति निंदनीय है. उन्होंने कहा कि इसमें जातिगत भेदभाव की राजनीति नहीं की जानी चाहिए और दलित परिवार पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ सभी को एकजुट होना चाहिए.

इस मौके पर देवभूमि सफाई कर्मचारी यूनियन मसूरी के अध्यक्ष निरंजन लाल ने कहा कि राजस्थान में हुई घटना का कड़ा विरोध किया जाएगा. यह आंदोलन दोषियों को मौत की सजा मिलने तक जारी रहेगा।

प्रदर्शनकारियों में भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, छात्र संघ अध्यक्ष प्रिंस, पूर्व कैंट उपाध्यक्ष महेशचन्द, भाजपा महिला मोर्चा महामंत्री सपना शर्मा, आप जिला प्रवक्ता जय प्रकाश राणा, रामी देवी, मनोनीत सभासद अरविंद सेमवाल, सतीश ढौंडियाल, भारतीय दलित साहित्य अकादमी, देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ, राष्ट्रीय सामाजिक न्याय कृति मंच, अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज संघ, महादलित मोर्चा मसूरी व विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।