देहरादून : फिक्की फ्लो जो कि महिला एव नारी सशक्तिकरण और उघमिताओ के लिए और उघमियो महिला द्वारा संचालित एक राष्ट्रीय संगठन है और उसमें उसकी प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने को लेकर समाचार में प्रकाशित समाचार पत्रों में प्रकित लेखों से एक दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण को जन्म दिया गया जो कि अति शोचनीय है अंकिता भंडारी हत्याकांड एक अति निंदनीय एव शोचनीय दुखद घटना है जिसका गरिमा दसौनी जैसे लोगों ने राजनीति लाभ लेने की इच्छा से तुष्टीकरण और सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।

यह हमारे आने वाली पीढ़िया समाज में राजनीतिक गरिमा तथा महिलाओं के लिए हतोत्साहित करने वाला कृत्य है गरिमा ने जिस तरह से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से एक अनावश्याक बयान देकर अपनी मंशा जाहिर की। गरिमा दसौनी के इस बयान पर बाल अधिकारी सरक्षण आयोग तथा उत्तराखंड महिला आयोग जैसे गरिमामय सस्थान की गरिमा को चोट पहुंची है.

भविष्य में किसी को भी अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसी दुखद घटना इसका राजनीतिक कारण करने तथा सच्ची लोकप्रियता के लिए आयोग जैसी गरिमामय सस्थान के प्रति है अविश्वास पैदा करने तथा गरिमा दसोनी के बयानों पर रोक लगाने के आशय से लिखा जा रहा है