देहरादून : जिलाधिकारी सोनिका ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में सुनी समस्याएं. उन्होंने समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में सोमवार को 92 शिकायतें प्राप्त हुई। अतिक्रमण, अवैध कब्जा, पुश्तैनी जमीन पर कब्जा, धमकियों से जमीन की खरीद, शस्त्र लाइसेंस, विधवा पेंशन, गिरासू भवन गिराने, भीड़-भाड़ वाले बाजारों एवं आबादी वाले स्थानों से पटाखे की दुकानें एवं गोदाम हटवाने, भारतीय नागरिकता प्राप्त करने, मकान दिलवाने, सेवायोजित करने, विभागीय पेंशन प्रधानमंत्री आवास, परिवार रजिस्ट्रर नांमाकित करवाने से जुड़ी थीं ।

इसके अलावा पीएमजीएसवाई के सड़क निर्माण के दौरान सड़क कटिंग, मकान को खतरा होने  और तथा मकान सुरक्षा के लिए पुस्ता लगाने, लम्पी बीमारी से मृत पशुओें के शवों का निस्तारण करवाए जाने, बरसाती नाले की मरम्मत/निर्माण कराए जाने, सीवर के चैम्बर के ऊपर निर्माण कराने आदि के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिये. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग शिकायतों को लंबित न रखे। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संबंधित विभागीय अधिकारी जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति शिकायत बोर्ड से देखें और लंबित शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें. यदि किसी शिकायत के निस्तारण में समय लग रहा है तो उसकी जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता को भी दी जाए। जिलाधिकारी ने अवैध कब्जे एवं अतिक्रमण की शिकायतों की समीक्षा करते हुए एमडीडीए, राजस्व विभाग, नगर निगम के अधिकारियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिये.

जन सुनवाई में अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. शिव कुमार बरनवाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण आर.सी. तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर नरेश चन्द्र दुर्गापाल, जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार, जिला पंचायतीराज अधिकारी एम.एम खान, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी विद्याधर कापड़ी, सहायक निदेशक सूचना बी.सी नेगी सहित लोनिवि, पीएमजीएसवाई, सिंचाई, विद्युत, एमडीडीए, समाज कल्याण, पेयजल निगम, जल संस्थान, नगर निगम, जिला पंचायत, वन विभाग आदि संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. उप जिलाधिकारी चकराता, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश एवं तहसील विकासनगर एवं डोईवाला के कार्मिक वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।