टिहरी : चम्बा के कठूड गांव की गरीब विधवा शीला देवी रोजगार के लिए भटक रही है. 44 वर्षीय शीला देवी के बेरोजगार पति की 2015 में मृत्यु हो गई, उस समय शीला देवी 37 वर्ष की थीं, 4 बेटियों और 1 बेटे की पढ़ाई का खर्च कैसे चलाती, मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करने वाली शीला देवी ने अब 2 पुत्रियों की शादी कर ली है लेकिन वर्तमान में अब एक लड़की कक्षा 11 में दूसरी कक्षा 4 में अध्ययनरत हैं ।
लड़का देहरादून में वायुसेना के लिए कोचिंग कर रहा है, जिसकी कीमत दस हजार रुपये प्रति माह है, बेचारी शीला देवी मुसीबत में है कि अपने बेटे को शिक्षा कैसे कराये । शीला देवी ने अपने पिता पूर्व सैनिक बच्चन सिंह के आश्रित का प्रमाण पत्र बनवाया है, ताकि उन्हें उपनल के माध्यम से कहीं रोजगार मिल सके, वह बताती हैं कि उन्होंने 4 विभागों में साक्षात्कार दिया है लेकिन उन्हें कहीं नौकरी नहीं मिली है। वह कहती है कि अगर उसे निराई गुड़ाई श्रमिक या साफ सफाई का काम मिल जाता तो वह अपने बेटे के सपनों को साकार कर देती।

