मसूरी : पर्यटन विभाग और रोपवे कंपनी के अधिकारियों ने पुरूकुल मसूरी रोपवे के लिए चुने गए शिफन कोर्ट का स्थलीय निरीक्षण किया और वहीं इस योजना की जमीन पर बन रहे गढ़वाल सभा भवन के बारे में चर्चा की गयी.
स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान ने बताया कि पर्यटन विभाग के शिफन कोर्ट की भूमि की रोपवे निर्माण कंपनी स्काई कार के अधिकारी पुरुकुल से मसूरी तक रोपवे के लिए मौके पर पहुंचे और ज़मीन का संयुक्त निरीक्षण किया । ड्रोन सर्वे भी किया गया।
उन्होंने कहा कि रोपवे के लिए कंपनी को 4.25 एकड़ जमीन दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस जमीन पर गढ़वाल सभा भवन का निर्माण हो रहा है, लेकिन यह जमीन रोपवे कंपनी को दी जानी है, जिसके लिए गढ़वाल सभा भवन के लिए बीच का रास्ता बनाया जाएगा ताकि गढवाल सभा का भवन दूसरे स्थान पर बनाया जा सके । इसके लिए गढ़वाल सभा के पदाधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है।

इस मौके पर पूर्व नगर अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि जिस जमीन पर रोपवे बनाया जाना है उस जमीन पर निर्माणाधीन गढ़वाल सभा भवन है, जिसके लिए पीपीपी मोड में निर्माण कार्य देने वाली कंपनी ने निस्तारण पर चर्चा की है.
इस पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह लोकेशन रोपवे के लिए है, जिसके लिए कंपनी या तो पैसा देगी या कहीं और बिल्डिंग। उन्होंने कहा कि गढ़वाल सभा इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक करेगी और गढ़वाल सभा भवन, धर्मशाला और स्कूल आदि के लिए ऐसी भूमि तलाशी जाये जो रोड लेबल पर हो, जिसमें पार्किंग भी हो और सभा भवन सहित धर्मशाला आदि बन जाए।
उन्होंने कहा कि गढ़वाल सभा नहीं चाहती कि मसूरी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोपवे का काम रोका जाए, लेकिन सभा भी नहीं चाहती कि गढ़वाल सभा के साथ कोई अन्याय हो।
इस अवसर पर उप पर्यटन निदेशक सीमा नौटियाल, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी, नगर अभियंता रमेश बिष्ट, गढवाल सभा के भगवान सिंह धनाई, वीरेंद्र कैंतुरा, भगवती प्रसाद सकलानी आदि उपस्थित थे.

