उत्तरकाशी : जिला विकास खण्ड नौगांव अंतर्गत उद्यान केन्द्र डामटा एवं मौलागांव के किसानों को स्वरोजगार सृजित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा दिसम्बर माह में मशरूम कम्पोस्ट इकाईयों का वितरण किया गया था , मशरूम उत्पादक किसानों ने विभागीय निर्देशों के अनुसार तीन माह तक लगन से कार्य किया । तीन माह की मशक्कत के बाद जब मशरूम नहीं उगी तो किसानों ने इसकी सूचना विभाग को दी और मशरूम खाद की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विभाग से मुआवजे की मांग की. मशरूम खाद की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाया । इस क्षेत्र के किसानों ने कहा कि विभाग ने घटिया खाद उपलब्ध कराकर किसानों की तीन महीने की मेहनत और पैसा बर्बाद किया है.
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश बहुगुणा ने कहा कि उद्यान विभाग के द्वारा दिए गए मशरूम कंपोस्ट से क्षेत्र में किसी भी मशरूम उत्पादक के यहां एक भी मशरुम का ना उगना क्षेत्र के किसानों के समय और पैसा दोनों की बर्बादी है जिसके लिए विभाग को उचित मुआवजा देना चाहिए. और उच्चाधिकारियों को मामले की जांच करनी चाहिए।
उधर, मशरूम उत्पादक निखिल नौटियाल ने कहा कि इस बार मशरूम खाद के थैले में एक बीज तक नजर नहीं आ रहा है, तीन महीने लगातार काम करने के बाद भी एक भी मशरूम नहीं उग पाया है, जिससे हम सभी निराश हैं.
सुमन सिंह ,चमन लाल, हुकम सिंह, मुकेश, अर्जुन पंवार, आशीष पंवार,बचन सिंह, गब्बर सिंह आदि ने इस संबंध में प्रभारी सचल दल केंद्र डामटा को लिखित अभ्यावेदन भी दिया है।इस संबंध में सचल दल केंद्र प्रभारी डामटा चंद्रपाल ने बताया कि उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है.

