देहरादून/जमशेदपुर , PAHAAD NEWS TEAM

नौवें चरण में रेल मार्ग के जरिए जीवन रक्षक ट्रेन से 185 टन ऑक्सीजन लखनऊ और देहरादून के लिए भेजी गई। बर्मामाइंस स्थित लिंडे ऑक्सीजन प्लांट से छोटे और बड़े टैंक के जरिये रेलवे गुड्स यार्ड से जीवन रक्षक ट्रेन से रवाना किया गया.।

कोरोना के दूसरे चरण में विभिन्न क्षेत्रों में ऑक्सीजन की भारी कमी है। गंभीर रूप से संक्रमित लोगों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन बेहद जरूरी है। जमशेदपुर से प्राणवायु का टैंक देश के कई राज्यों में सड़क और रेल मार्ग से भेजा जा रहा है। नौवें चरण में गुरुवार को रेल मार्ग के जरिये प्राणवायु लखनऊ और देहरादून भेजी गई है।

बर्मामाइंस क्षेत्र स्थित लिंडे ऑक्सीजन प्लांट से रेल मार्ग के जरिए दो खेप में कुल 185 टन मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन को जीवन रक्षक ट्रेन से भेजी गई है। पहले जत्थे में 8.5 टन की क्षमता वाले 8 टैंकों में 65 टन ऑक्सीजन लखनऊ भेजी गई। जबकि दूसरे जत्थे में 20 टन क्षमता वाले 6 टैंकों में कुल 120 टन ऑक्सीजन देहरादून के लिए भेजी गई है.

जमशेदपुर से प्राणवायु का टैंक देश के कई राज्यों में सड़क और रेल मार्ग से भेजा जा रहा है। नौवें चरण में गुरुवार को रेल मार्ग के जरिये प्राणवायु लखनऊ और देहरादून भेजी गई है।नौवें चरण में गुरुवार को रेल मार्ग के जरिये प्राणवायु लखनऊ और देहरादून भेजी गई है।