देहरादून :
पांच राज्यो में संपन्न हुए विधान सभा चुनावों में कांग्रेस की कड़ी हार का असर उत्तराखण्ड में भी देखने को मिल रहा है, दबी ज़ुबान से ही सही पर कांग्रेस संगठन पर सवाल उठने लग गये है ।

2024 के लोकसभा चुनाव सर पर है और ऐसे में पांच राज्यों के हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है और विरोधी पार्टी बीजेपी के हौसले बुलंद है और पूरे जोश में है ऐसे में कांग्रेस पार्टी उसके आगे कहीं टिकती नजर नहीं आ रही है और अगर उत्तराखंड की बात करें तो यहां पर जमीनी कार्यकर्ताओं का अभाव है ऐसे में कांग्रेस पार्टी हाई कमान क्या करेगा देखने वाला होगा क्या हाई कमान संगठन में कुछ बदलाव करेगा या इसी संगठन के साथ चुनाव में जाएगा वैसे हाई कमान चाहे तो कोई बड़ा बदलाव न करें कम से कम प्रदेश के महानगर में तो कुछ बदलाव कर ही सकते है । सोये पड़े संगठन में कुछ जान फूँक ही सकते है क्योंकि महानगर का संगठन एक प्रकार का प्रदेश के संगठन के रूप में जाना जाता है यैसे में अगर महानगर का कुनबा ही बिखरा हुवा हो तो कैसे कोई चुनाव जीतेंगे ?

कांग्रेस के मुक़ाबले बीजेपी की तैयारी कही आगे है बीजेपी हमेशा चुनाव मूड में रहती है ।

राजधानी महानगर में कई बड़े बड़े नेता है जो की संगठन के काम बहुत बेहतर कर सकते है, कांग्रेस पार्टी को चाहिये की अगर बीजेपी को टक्कर देनी है तो उनको सबके पहले अपने महानगर संगठन को मज़बूत करना पड़ेगा ।

नाम ना छापने की शर्त पर कांग्रेस पार्टी के एक कार्यकर्ता ने पहाड़ न्यूज़ की टीम को बताया की क्या कांग्रेस पार्टी अपने किसी बड़े नेता को प्रदेश से लाकर महानगर में अध्यक्ष पद पर नहीं बिठा सकती वैसे तो बड़े नेताओं में हीरा सिंह बेस्ट उम्र के अंतिम पड़ाव पर है दिनेश अग्रवाल जो बड़े नेता तो है पर अब उनसे यह उम्मीद नहीं की जा सकती पर राजपुर के विधायक रह चुके राजकुमार जिनका कुछ अपने क्षेत्र में जन आधार भी है कुछ कर सकते हैं या फिर एक बड़े नेता के रूप में स्थापित हो चुके सूर्यकांत धस्माना जो आर्थिक रूप से सक्षम भी है और प्रदेश का कोई बड़ा प्रोग्राम हो तो वह अपनी पूरी भागीदारी रखते हैं उनको महानगर की जिम्मेदारी दी जा सकती है जिससे कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा फायदा हो सकता है क्योंकि उनसे जुड़े काफी जमीनी कार्यकर्ता जो हाशिये पर चले गए हैं उनको फिर सक्रिय कर पाएंगे और कांग्रेस पार्टी को फिर से पूरे प्रदेश में ताकत मिले ना मिले पर राजधानी में कांग्रेस मजबूत हो जाए सकती है यह सूचना पार्टी हाई कमान का काम है कि वह कांग्रेस को कैसे मजबूत करेगी ।
अगर कॉंग्रेस को बीजेपी को 2024 में टक्कर देनी है तो उसको अपने संगठन पर काम करना पड़ेगा जो की अब पाँच महीने का ही समय बचा हुवा है इसको देखते हुए कांग्रेस को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी ।