प्रदेश सरकार बंजर हो चुके राजकीय उद्यान को लघु और दीर्घ काल के लिए लीज पर देगी। आगामी कैबिनेट में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। सरकार ने 93 बगीचों को तीन श्रेणियों में बांटा है। जिसमें ए श्रेणी के बगीचे जड़ी बूटी, चाय विकास बोर्ड को दिए जाएंगे। जबकि बी श्रेणी के बगीचों को लघु और सी श्रेणी के बगीचे दीर्घ काल के लिए लीज पर दिए जाएंगे। टिहरी के गजा में माली प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। जल्द ही प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण नीति तैयार की जाएगी। विधानसभा में कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नर्सरी एक्ट की नियमावली शीघ्र तैयार की जाए , जिससे एक्ट को राज्य में लागू किया जा सके। नर्सरी एक्ट के लागू होने से किसानों को गुणवत्ता युक्त पौधे प्राप्त होंगे।
लीज पर राजकीय उद्यान

