देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड में एक साल से अधिक समय से लंबित 573 आपराधिक मामलों पर पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. जिसके बाद अब मामलों का त्वरित निस्तारण शुरू किया जाएगा। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में इन सभी लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए एक जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा.

इस कार्ययोजना के लिए डीजीपी अशोक कुमार ने सभी डीआईजी, आईजी, एसएसपी और एसपी को पत्र लिखा है. पत्र में सभी लंबित 573 मामलों की जांच रिपोर्ट अगस्त के पहले सप्ताह में तलब की गई है. इस संबंध में डीजीपी ने सोमवार को मासिक अपराध समीक्षा बैठक की थी ।

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें- डीजीपी

डीजीपी अशोक कुमार ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रभारी एवं पर्यवेक्षण अधिकारी जांच अभियान के तहत लंबित प्रकरणों के निस्तारण का खाका तैयार करेंगे. साथ ही लंबित प्रकरणों की जांच में साक्ष्यों का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी जिला पुलिस प्रभारियों को एक वर्ष से लम्बित लंबित प्रकरणों की सूची एक जुलाई को सुबह 10 बजे तक पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं.

डीजीपी अशोक कुमार ने सभी जिला प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर 531 लंबित प्रकरणों की जांच में अहम भूमिका निभाएं. साथ ही एक माह बाद अगस्त के पहले सप्ताह में गढ़वाल व कुमाऊं के डीआईजी व आईजी को पूरे ऑपरेशन की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को देनी होगी.