देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

कोरोना की पहली लहर से लेकर प्रशासन और आम लोगों ने जिस तरह के लापरवाही बरती उसका नतीजा कोरोना की दूसरी लहर में देखने के मिला . यही वजह है कि अब दूसरी लहर का प्रकोप कम होते ही सरकार ने तीसरी लहर की तैयारी शुरू कर दी. इसको लेकर बुधवार को देहरादून जिले के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की.

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कोरोना के डेल्टा प्लस संस्करण से निपटने की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उप्रेती और तीसरी लहर के बाल रोग नोडल अधिकारी उपस्थित थे.

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने डेल्टा प्लस में कोविड उपचार के प्रोटोकॉल के संबंध में अधिकारी से जानकारी ली. स्वास्थ्य महानिदेशक ने मंत्री जोशी को बताया कि इलाज का प्रोटोकॉल पहले जैसा ही रहेगा. उपचार भी लक्षण आधारित ही दिया जाना है. बच्चों के लिए पीने वाली दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा चुकी है । डॉक्टरों का जोर संक्रमण का जल्द से जल्द पता लगाने पर है। ताकि संक्रमितों को तुरंत आइसोलेट कर संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

महानिदेशक स्वास्थ्य ने बताया कि इसके लिए अतिरिक्त राजकीय व निजी बाल रोग विशेषज्ञों का प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है. इसके बाद स्टॉफ नर्स, एएनएम और आशाओं को भी प्रशिक्षित किया जाएगा कि बाल रोगियों को कैसे हैंडल किया जाए? संक्रमण का पता लगाने के लिए टेस्ट कैसे करें और आइसोलेशन की क्या व्यवस्था होगी?

प्रभारी मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया कि द्वितीय लहर के अनुभवों से सबक लेते हुए विकेंद्रीकृत तरीके से इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए. ताकि गंभीर मरीजों के लिए ‘जहां बीमार, वहां इलाज’ के तहत उच्च केंद्र उपलब्ध कराए जा सकें।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों को भी जानकारियों से अपडेट रखते हुए रणनीति बनाने व लागू करने की प्रक्रिया में सम्मिलित रखा जाए . इसके साथ ही अधिक से अधिक टीकाकरण कर रोकथाम की प्रक्रिया को भी तेज किया जाए। वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार रेहड़ी-पटरी वालों, फल-सब्जी विक्रेताओं, जिन्हें स्मार्ट फोन चलाने में दिक्कत हो, आदि को मौके पर ही टीका लगाने की व्यवस्था की जाए।

मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के संबंध में अधिकारियों को बताया गया कि मसूरी में 10 जुलाई से प्लांट चालू हो जाएगा. अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के माध्यम से कालसी और प्रेमनगर में प्लांट लगाने की प्रक्रिया जारी है. कैबिनेट मंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि मसूरी के गनहिल स्थित सेंटमैरी हॉस्पिटल परिसर को नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण कर तैयार किया जाए.